Tikamgarh News:जमील खान /टीकमगढ़। नगर पालिका द्वारा कराए गए निर्माण कार्यों की गुणवत्ता एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। शहर के वार्ड क्रमांक-17 स्थित पुलिस लाइन क्षेत्र में करीब 22 लाख रुपये की लागत से निर्मित सीसी सड़क महज छह महीने के भीतर ही जगह-जगह से उखड़ने लगी है। सड़क पर लंबी-लंबी दरारें और क्षतिग्रस्त हिस्से दिखाई देने के बाद स्थानीय लोगों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठाए हैं।
छह महीने में सड़क की हालत बदहाल
Tikamgarh News: स्थानीय नागरिकों का कहना है कि जिस सड़क को वर्षों तक टिकाऊ बनाने के उद्देश्य से तैयार किया गया था, वह कुछ ही महीनों में खराब होने लगी। सड़क की सतह उखड़ने और बीचों-बीच दरारें पड़ने से न केवल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हुए हैं, बल्कि सरकारी धन के उपयोग को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।
शिकायत के बाद अधिकारियों ने किया निरीक्षण
Tikamgarh News: मामले की शिकायत मिलने के बाद नगर पालिका के अधिकारी मौके पर पहुंचे और सड़क का निरीक्षण किया। जांच के दौरान सड़क की खराब स्थिति को देखते हुए निर्माण एजेंसी तिरुपति कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार को कड़ी चेतावनी दी गई।अधिकारियों ने ठेकेदार को सात दिनों के भीतर सड़क की मरम्मत कर उसे निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।
समय पर सुधार नहीं हुआ तो होगी सख्त कार्रवाई
Tikamgarh News: नगर पालिका प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि तय समय सीमा के भीतर सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई तो संबंधित निर्माण कंपनी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने ब्लैकलिस्ट करने की चेतावनी भी दी है।
सीएमओ ने दिए जांच के निर्देश
Tikamgarh News: नगर पालिका के मुख्य नगर पालिका अधिकारी (सीएमओ) ओमपाल सिंह भदौरिया ने कहा कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। यदि जांच में निर्माण कार्य में लापरवाही या भ्रष्टाचार की पुष्टि होती है, तो संबंधित ठेकेदार को नोटिस जारी कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।उन्होंने कहा कि सार्वजनिक निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
लोगों ने उठाए गुणवत्ता पर सवाल
Tikamgarh News: वार्ड क्रमांक-17 के रहवासियों का कहना है कि करोड़ों और लाखों रुपये की लागत से बनने वाली सड़कों का कुछ ही महीनों में खराब होना निर्माण एजेंसियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। लोगों ने मांग की है कि सड़क की गुणवत्ता की तकनीकी जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो।







