Sitting Side Effects: नई दिल्ली/रायपुर: आधुनिक जीवनशैली और कॉर्पोरेट कल्चर में नौकरी कर रहे लोगों की सबसे आम और गंभीर परेशानी यह है कि वे अपने काम के चक्कर में दिनभर कुर्सी पर ही बैठे रह जाते हैं। सुबह ऑफिस पहुंचने से लेकर शाम को घर जाने तक लाखों लोग 8 से 9 घंटे तक लगातार बैठे-बैठे सिस्टम पर काम करते हैं। लेकिन हर किसी को इसकी विधिक और व्यावहारिक जानकारी नहीं होती कि उनके देर तक बैठे रहने की यह आदत उनकी सेहत को किस कदर खोखला कर रही है।
कई वैश्विक रिसर्च में यह चौंकाने वाली बात सामने आई है कि लंबे समय तक बैठे रहना शरीर के लिए उतना ही खतरनाक है, जितना कि धूम्रपान (स्मोकिंग) करना या मोटापे का शिकार होना। यही वजह है कि अब दुनिया भर के डॉक्टर और फिटनेस एक्सपर्ट्स भी ऑफिस में काम करने वाले लोगों को बीच-बीच में उठकर हिलने-डुलने और विधिक वॉक करने की कड़ाई से सलाह दे रहे हैं।
दिल की बीमारी, शुगर और खराब पोस्चर का खतरा
लगातार बैठे रहने से शरीर में कई तरह की शारीरिक विसंगतियां और क्रोनिक बीमारियां शुरू हो जाती हैं। सबसे पहला असर हमारी रीढ़ की हड्डी पर पड़ता है, जिससे कमर और गर्दन में लगातार दर्द रहने लगता है। लंबे समय के विसंगतिपूर्ण पोस्चर के कारण कंधे आगे की ओर झुकने लगते हैं और पीठ की बनावट खराब हो जाती है।
एक प्रतिष्ठित मेडिकल रिसर्च के अनुसार, जो लोग दिन में 8 घंटे से ज्यादा समय कुर्सी पर बिताते हैं, उनमें दिल की बीमारी (हार्ट अटैक और स्ट्रोक) होने का खतरा अन्य लोगों की तुलना में काफी बढ़ जाता है। इसके साथ ही, शरीर में मोटापा, टाइप-2 शुगर और बैड कोलेस्ट्रॉल बढ़ने की समस्या भी तेजी से पैर पसारती है। डॉक्टरों का मानना है कि लंबे समय तक निष्क्रिय बैठे रहने से शरीर की प्राकृतिक मेटाबॉलिज्म दर गिर जाती है और कैलोरी बर्न करने की क्षमता बहुत कम पड़ जाती है।
‘डेस्क वर्कआउट’ से कम करें घंटों बैठने का नुकसान
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि काम की मजबूरी के बीच भी कुछ आसान नियमों का पालन करके इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है। इसके लिए आपको जिम जाने की जरूरत नहीं, बल्कि सिर्फ अपनी वर्क-चेयर पर बैठे-बैठे ही कुछ आसान विधिक एक्सरसाइज की जा सकती हैं:
- शॉर्ट वॉक: हर आधे या एक घंटे में अपनी सीट से उठकर कुछ मिनट के लिए पानी पीने या टहलने के बहाने जरूर खड़े हों।
- नेक रोटेशन: कुर्सी पर बैठे-बैठे ही गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं और ऊपर-नीचे घुमाएं, जिससे मांसपेशियों का अकड़ना तुरंत कम होता है।
- लेग एंड रिस्ट स्ट्रेच: पैरों को फर्श से सीधा करके ऊपर उठाना, एड़ियों को ऊपर-नीचे करना और कंप्यूटर माउस चलाते वक्त बीच-बीच में कलाइयों को क्लॉकवाइज घुमाना बेहद फायदेमंद होता है।
- चेयर ट्विस्ट: बैठे-बैठे अपनी कमर को हल्के से दाएं और बाएं मोड़ें। यह ट्विस्ट पीठ की जकड़न को खत्म कर रीढ़ को लचीला बनाए रखता है।

इसके अतिरिक्त, आंखों को स्क्रीन के तनाव से बचाने के लिए प्रसिद्ध 20-20-20 नियम (हर 20 मिनट में 20 फीट दूर रखी किसी वस्तु को 20 सेकंड तक देखना) का पालन भी अनिवार्य रूप से करना चाहिए। अपनी दैनिक दिनचर्या में इन छोटे बदलावों को शामिल कर आप गंभीर विधिक और शारीरिक बीमारियों से खुद को सुरक्षित रख सकते हैं।
क्या आप भी दिनभर कुर्सी पर बैठकर काम करते हैं? अपनी रीढ़ की हड्डी और दिल को सुरक्षित रखने के लिए आज ही से इन आसान डेस्क स्ट्रेचेस को अपनी आदत बनाएं!







