Fake Identity Documents Racket: रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में पुलिस कमिश्नरेट ने एक बेहद गंभीर और विसंगतिपूर्ण फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ किया है। यहाँ एक च्वाॅइस सेंटर संचालक द्वारा स्थानीय वार्ड पार्षद के जाली लेटरहेड और फर्जी हस्ताक्षर का अनधिकृत उपयोग कर विभिन्न महत्वपूर्ण और संवेदनशील सरकारी दस्तावेज तैयार किए जा रहे थे। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए उत्तर प्रदेश के रहने वाले मुख्य आरोपी विपीन केशरी को विधिक रूप से गिरफ्तार कर लिया है, जो रायपुर में च्वाॅइस सेंटर की आड़ में आम नागरिकों के साथ बड़े पैमाने पर धोखाधड़ी और जालसाजी के खेल को अंजाम दे रहा था।
पार्षद की शिकायत पर आजाद चौक पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा
प्राप्त आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा तब हुआ जब रायपुर नगर निगम के शहीद चूडामणी नायक वार्ड के वर्तमान पार्षद दीपक जायसवाल ने आजाद नगर थाने में एक लिखित विलेखीय शिकायत दर्ज करवाई। पार्षद ने अपनी शिकायत में बताया कि मंगल बाजार स्थित ‘आर्यन च्वॉइस सेंटर’ द्वारा उनके नाम से छपवाए गए फर्जी लेटरहेड और हुबहू जाली हस्ताक्षरों का अवैध रूप से धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
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आरोपी संचालक पार्षद की बिना किसी विधिक अनुमति या जानकारी के, इन फर्जी लेटरहेड्स के माध्यम से नए जन्म प्रमाण-पत्र, आधार कार्ड, मृत्यु प्रमाण-पत्र और नगर निगम से संबंधित अन्य आवश्यक आधिकारिक दस्तावेज तैयार कर रहा था और इसके बदले लोगों से मोटी रकम वसूल कर विसंगतिपूर्ण धोखाधड़ी कर रहा था। पार्षद की इस गंभीर रिपोर्ट पर तत्काल संज्ञान लेते हुए थाना आजाद चौक में आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विधिक धारा 336(3), 340(2), और 318(4) के तहत आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया गया।
रेड में जब्त हुआ इलेक्ट्रॉनिक सामान, आरोपी ने कबूला जुर्म
मामले की विधिक गंभीरता और संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस की एक विशेष टीम ने मंगल बाजार स्थित ‘आर्यन च्वॉइस सेंटर’ की दुकान पर अचानक सुनियोजित छापा मारा। इस विधिक रेड की कार्रवाई के दौरान सेंटर पर विपीन केशरी नामक व्यक्ति मौजूद मिला, जिसने खुद को उस च्वाॅइस सेंटर का मुख्य संचालक और सर्वेसर्वा बताया।
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पुलिस अधिकारियों द्वारा जब मौके पर मिले संदिग्ध दस्तावेजों और अन्य विलेखीय साक्ष्यों के संबंध में कड़ाई से विधिक पूछताछ की गई, तो आरोपी ज्यादा देर तक पुलिस को गुमराह नहीं कर सका। आरोपी विपीन केशरी ने प्रार्थी पार्षद के नाम के लेटरहेड और हस्ताक्षरों का पूरी तरह अनधिकृत, विसंगतिपूर्ण और फर्जी तरीके से उपयोग कर बड़े पैमाने पर जन्म प्रमाण-पत्र, मृत्यु प्रमाण-पत्र और आधार कार्ड सहित अन्य कूट रचित दस्तावेज तैयार करने की बात विधिक रूप से स्वीकार कर ली।
पुलिस ने आरोपी विपीन केशरी को मौके पर ही गिरफ्तार कर उसके कब्जे से अपराध में प्रयुक्त एक लैपटॉप, उच्च गुणवत्ता का कलर प्रिंटर तथा एक लैमिनेशन मशीन को विधिक पंचनामा तैयार कर जब्त कर लिया है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी विपीन केशरी (उम्र 38 साल) मूल रूप से कटरा बाजार, थाना कोईरवाना, जिला भदाई (उत्तर प्रदेश) का रहने वाला है, जो वर्तमान में रायपुर के अश्वनी नगर में कृति ब्यूटी पार्लर के पास किराए का मकान लेकर रह रहा था। आजाद चौक थाना पुलिस अब इस बात की विस्तृत विधिक जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कुल कितने लोगों के फर्जी दस्तावेज तैयार किए हैं और इस गिरोह में नगर निगम या अन्य विभागों के कौन से कर्मचारी शामिल हैं।







