Friday, August 21, 2026
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Substandard Construction in CG: घरघोड़ा नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की ‘परंपरा’: एक ही सीसी रोड का दो-तीन बार निर्माण कर सरकारी खजाने को चपत; जर्जर नालियों से सड़कों पर पसरी दुर्गंध

Substandard Construction in CG: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा (छत्तीसगढ़): छत्तीसगढ़ के नगरीय निकायों और नगर पंचायतों में विकास कार्यों के नाम पर विसंगतिपूर्ण तरीके से सरकारी धन के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। जिला क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले घरघोड़ा नगर पंचायत में बुनियादी ढांचे के निर्माण, विशेषकर सीमेंट कंक्रीट (सीसी) सड़कों और नालियों के निर्माण में भारी विधिक और व्यावहारिक लापरवाही बरती जा रही है। स्थानीय स्तर पर सामने आए विलेखीय साक्ष्यों के अनुसार, नगर पंचायत में कुछ रसूखदार पार्षदों और ठेकेदारों की मिलीभगत से बड़े पैमाने पर सरकारी धन की बंदरबांट का खेल धड़ल्ले से चल रहा है।

सड़कों के निर्माण में अनोखा खेल, एक ही रोड को बार-बार बनाने की ‘परंपरा’

घरघोड़ा नगर पंचायत में भ्रष्टाचार की एक नई विसंगतिपूर्ण परंपरा चल पड़ी है। सामान्य तौर पर माना जाता है कि यदि एक बार विधिक रूप से सीसी रोड (C.C. Road) का निर्माण हो जाए, तो वह लंबे समय तक यथावत रहती है और उसकी हालत दुरुस्त रहती है। लेकिन घरघोड़ा में इसके बिल्कुल उलट, एक ही सीसी रोड को बार-बार (दो से तीन बार) खोदकर या उसी पर दोबारा निर्माण करने का चलन शुरू हो गया है।

इस प्रक्रिया के पीछे का मुख्य विधिक खेल यह है कि निर्माण कार्यों का आधिकारिक ठेकेदार भले ही कोई और हो, लेकिन कार्यों की वास्तविक देखरेख और नियंत्रण कुछ खास पार्षदों के हाथों में सौंप दिया गया है। इन निर्माण कार्यों के अंतिम बिल और वाउचर भी उन्हीं चिन्हित पार्षदों के निर्णय और विसंगतिपूर्ण मर्जी के अनुसार तैयार किए जाते हैं। इसके चलते बड़े पैमाने पर सरकारी धन का बंदरबांट किया जा रहा है और जनता के टैक्स के पैसे को आपसी सांठगांठ से ठिकाने लगाया जा रहा है।

पहली बारिश में खुली पोल, घटिया नालियों से राहगीर त्रस्त

भ्रष्टाचार की यह बानगी सिर्फ सड़कों तक सीमित नहीं है, बल्कि वार्डों की जलनिकासी व्यवस्था को भी पूरी तरह खोखला कर चुकी है। घरघोड़ा नगर पंचायत के पूर्व में निर्मित नालियों की हालत वर्तमान में इतनी जर्जर हो चुकी है कि इनसे होकर बहने वाले गंदे पानी की विधिक निकासी कहां होगी, यह आज तक किसी को नहीं पता।

मानसून और बारिश के शुरुआती दौर में ही इन संकरी नालियों की पोल पूरी तरह खुल जाती है। पानी गिरते ही ये नालियां एकदम चोक (जाम) हो जाती हैं। इसके परिणामस्वरूप, नालियों का गंदा और दूषित पानी कचरे सहित बाहर निकलकर मुख्य सड़कों और बस्तियों में बहने लगता है। इस गंदगी के कारण पूरे इलाके में भारी दुर्गंध फैल जाती है, जिससे स्थानीय वार्डवासियों का जीना मुहाल हो गया है और सड़कों से गुजरने वाले राहगीरों का चलना भी दूषित माहौल के कारण मुश्किल हो जाता है।

नगर पंचायत के तमाम वार्डों में इस तरह की अत्यंत घटिया और निम्न स्तर की नालियों का निर्माण कराया गया है, जो पूरी तरह से भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ चुकी हैं। जागरूक नागरिकों ने इस पूरी विसंगतिपूर्ण व्यवस्था और वित्तीय अनियमितताओं के खिलाफ नाराजगी जाहिर करते हुए मांग की है कि मामले की विधिक और निष्पक्ष जांच कराई जाए, ताकि इस अंधेरगर्दी में शामिल चेहरे बेनकाब हो सकें और दोषियों पर दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

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