Sakti Gangrape: सक्ती: छत्तीसगढ़ के सक्ती जिले के जैजैपुर थाना क्षेत्र से महिला सुरक्षा को तार-तार करने वाली एक बेहद दर्दनाक और विसंगतिपूर्ण आपराधिक घटना सामने आई है। यहाँ एक बेबस भिक्षुक महिला को जबरन बंधक बनाकर उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) किए जाने का मामला प्रकाश में आया है। जैजैपुर थाना पुलिस ने पीड़िता की विधिक शिकायत पर त्वरित और कड़ा एक्शन लेते हुए वारदात में शामिल दोनों नामजद आरोपियों को तत्परता से गिरफ्तार कर लिया है। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक अभिरक्षा के तहत जेल दाखिल करा दिया गया है।
घर में बंधक बनाकर दी प्रताड़ना, जबरन पिलाई शराब
प्राप्त आधिकारिक विधिक जानकारी के अनुसार, इस घिनौने कृत्य को अंजाम देने वाले आरोपियों की पहचान राजकुमार कंवर और छतराम कंवर के रूप में हुई है, जो स्थानीय क्षेत्र के ही निवासी हैं। पीड़िता द्वारा दर्ज कराई गई विधिक शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने सूनेपन का फायदा उठाकर महिला को जबरन अपने नियंत्रण में लिया और उसे आरोपी राजकुमार कंवर के सूने घर में ले गए।
आरोपियों ने महिला को दो दिनों तक एक कमरे के भीतर विसंगतिपूर्ण ढंग से बंधक बनाकर रखा। इस दौरान लोक-लज्जा और मानवीय संवेदनाओं को ताक पर रखकर महिला को कमरे में बंद किया गया और डरा-धमकाकर जबरन शराब पिलाई गई। जब महिला नशे और डर के कारण पूरी तरह असहाय हो गई, तो दोनों आरोपियों ने उसके साथ बारी-बारी से सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया।
पीड़िता की शिकायत पर तत्काल विधिक कायमी, नए कानून के तहत एक्शन
दो दिनों की प्रताड़ना के बाद किसी तरह चंगुल से छूटकर पीड़िता सीधे जैजैपुर थाना पहुंची और पुलिस को अपने साथ हुई इस बर्बरता की पूरी आपबीती सुनाई। मामले की संवेदनशीलता और विधिक गंभीरता को देखते हुए जैजैपुर थाना प्रभारी ने तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों को अवगत कराया और पीड़िता की शिकायत के आधार पर शून्य विसंगति बरतते हुए तुरंत विधिक मामला दर्ज किया।
पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए दबिश दी और दोनों फरार आरोपियों राजकुमार कंवर और छतराम कंवर को घेराबंदी कर विधिक रूप से हिरासत में ले लिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ नए कानून के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(1) (सामूहिक दुष्कर्म) एवं धारा 127(2) (गलत तरीके से बंधक बनाना) के तहत कड़ा आपराधिक प्रकरण पंजीबद्ध किया है। गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को सक्षम न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से विधिक आदेश मिलने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस की एक विशेष टीम मामले में अन्य वैज्ञानिक और विलेखीय साक्ष्य जुटाने के लिए आगे की विस्तृत विधिक जांच कर रही है।







