Raigarh Police Action: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने और गंभीर अपराधियों की धरपकड़ के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के मार्गदर्शन में ताबड़तोड़ विधिक कार्रवाइयां की जा रही हैं। जिला पुलिस ने शनिवार, 4 जुलाई 2026 को “ऑपरेशन क्लीन हंट” और “अभियान संवेदना” के तहत बड़ी विधिक सफलताएं हासिल की हैं। कापू थाना पुलिस ने जहाँ तीन महीने से फरार एक ऐसे खूंखार आरोपी को सरगुजा से घेराबंदी कर दबोचा है जिसने अपनी ही पत्नी और ससुर पर जानलेवा हमला किया था, वहीं महिला थाना और रैरूमाखुर्द चौकी ने नाबालिग की सकुशल बरामदगी सहित यौन शोषण के दो अलग-अलग मामलों में आरोपियों को सलाखों के पीछे भेजा है।
पहला मामला: सब्जी के विवाद पर पत्नी-ससुर को लहूलुहान करने वाला अमिताप गिरफ्तार
“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत कापू पुलिस को एक बड़ी विधिक कामयाबी मिली है। घटना 19 मार्च 2026 की है, जब आरोपी अमिताप लकड़ा (35 वर्ष) अपनी पत्नी श्रीमती जेरोमिना किस्पोट्टा के साथ अपने ससुराल ग्राम ठाकुरनगर आया हुआ था। रात के भोजन के दौरान सब्जी कम-ज्यादा होने के मामूली विवाद पर आरोपी अमिताप ने तैश में आकर अपनी पत्नी पर लोहे के भारी सब्बल से प्राणघातक हमला कर दिया। जब बीच-बचाव करने वृद्ध ससुर रघुराम किस्पोट्टा सामने आए, तो आरोपी ने उन पर भी धारदार टंगिया (कुल्हाड़ी) से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल (Grievous Injury) कर दिया।
घटना के बाद से ही आरोपी फरार था। थाना प्रभारी कापू उप निरीक्षक इगेश्वर यादव के नेतृत्व में पुलिस टीम ने मुखबिर की सूचना पर ग्राम चैनपुर (सीतापुर, सरगुजा) में घेराबंदी कर आरोपी अमिताप लकड़ा को दबोच लिया। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त सब्बल और टंगिया विधिक रूप से जब्त कर उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई पर एसएसपी ने संदेश दिया कि क्षणिक आवेश में की गई हिंसा न केवल परिवार बिखेर देती है, बल्कि कानून के कठोर शिकंजे में भी ले आती है।
दूसरा मामला: ‘अभियान संवेदना’ में लापता नाबालिग दस्तयाब, अपचारी निरुद्ध
बच्चों की सुरक्षा के लिए समर्पित “अभियान संवेदना” के अंतर्गत पुलिस चौकी रैरूमाखुर्द ने 15 वर्षीय गुमशुदा नाबालिग बालिका को सकुशल बरामद करने में सफलता पाई है। 14 जून 2026 को पीड़िता की मां ने अपहरण की आशंका व्यक्त करते हुए रिपोर्ट दर्ज कराई थी, जिस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137(2) के तहत मामला दर्ज किया गया था।
18 जून को बालिका की बरामदगी के बाद जब महिला विधिक अधिकारी ने उसका बयान लिया, तो पता चला कि विधि से संघर्षरत एक अपचारी बालक उसे शादी का झांसा देकर अपने गांव ले गया था और उसकी मर्जी के खिलाफ शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद मामले में पॉक्सो एक्ट (POCSO Act) की धारा 4, 6 और बीएनएस की धारा 64(2)(m), 65(1) जोड़ी गई। बाल कल्याण समिति द्वारा काउंसलिंग के बाद आरोपी अपचारी बालक को बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर निरुद्ध किया गया है।
तीसरा मामला: तीन बच्चों का पिता कुंवारा बनकर कर रहा था दुष्कर्म, महिला थाना ने दबोचा
तीसरी विधिक कार्रवाई में रायगढ़ महिला थाना पुलिस ने 31 वर्षीय महिला की लिखित शिकायत पर त्वरित एक्शन लिया है। पीड़िता ने बताया कि जूटमिल निवासी महेंद्र पासवान (31 वर्ष) ने खुद को अविवाहित बताकर वर्ष 2018 से शादी का झांसा देकर एक किराये के मकान में उसका लगातार शारीरिक शोषण किया। बाद में जब महिला को पता चला कि महेंद्र पहले से शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं, तो विरोध करने पर आरोपी ने 30 जून 2026 को उसे मारपीट कर घर से निकाल दिया। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 69 के तहत मुकदमा दर्ज किया और चिकित्सीय व जैविक साक्ष्य सुरक्षित करते हुए आरोपी महेंद्र पासवान को गिरफ्तार कर न्यायालय के आदेश पर जेल भेज दिया है।







