Niwari Rabies Vaccine Crisis: निवाड़ी। जिले में रेबीज वैक्सीन की कमी को लेकर स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाएं एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई हैं। ओरछा निवासी एक युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर दावा किया है कि कुत्ते के काटने के बाद उसे निर्धारित समय पर रेबीज वैक्सीन की दूसरी खुराक नहीं मिल सकी। युवक का आरोप है कि स्वास्थ्य केंद्रों में वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने के कारण उसे इलाज के लिए भटकना पड़ा।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: जानकारी के अनुसार, ओरछा निवासी मयंक गुप्ता को 7 जून को एक आवारा कुत्ते ने काट लिया था। इसके बाद उन्होंने 8 जून को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, ओरछा पहुंचकर रेबीज वैक्सीन की पहली खुराक लगवाई। चिकित्सकों ने उन्हें निर्धारित प्रोटोकॉल के तहत दूसरी खुराक 11 जून को लगवाने की सलाह दी थी।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: मयंक गुप्ता का कहना है कि तय तारीख पर जब वह अस्पताल पहुंचे, तो वहां रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं थी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य केंद्र के कर्मचारियों ने उन्हें बाद में आने की बात कही, लेकिन 13 जून तक भी उन्हें दूसरी डोज नहीं मिल सकी। युवक ने सोशल मीडिया पर वीडियो जारी कर अपनी आपबीती साझा की और संबंधित दस्तावेज भी दिखाए, जिनमें वैक्सीन उपलब्ध नहीं होने का उल्लेख किया गया है।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: युवक का आरोप है कि ओरछा स्वास्थ्य केंद्र से उन्हें आगे के उपचार के लिए निवाड़ी रेफर किया गया, लेकिन वहां भी वैक्सीन उपलब्ध नहीं मिली। उन्होंने कहा कि रेबीज जैसी जानलेवा बीमारी से बचाव के लिए समय पर वैक्सीन लगना बेहद आवश्यक है, ऐसे में मरीजों को इस तरह परेशान होना गंभीर चिंता का विषय है।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: मयंक गुप्ता ने स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि कुत्ते के काटने जैसे मामलों में भी मरीजों को समय पर उपचार नहीं मिल रहा है, तो यह आम लोगों की सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मुद्दा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि जिले के सभी स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज वैक्सीन की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि किसी भी मरीज को इलाज के लिए भटकना न पड़े।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: वहीं, इस मामले में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ओरछा के चिकित्सक डॉ. सूर्य प्रताप पवैया ने स्वीकार किया कि वर्तमान में केंद्र में रेबीज वैक्सीन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि इस संबंध में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया गया है और वैक्सीन की मांग भेजी गई है।
दूसरी ओर, इस विषय पर निवाड़ी के ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (बीएमओ) डॉ. आर.सी. मलरिया से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: गौरतलब है कि रेबीज एक अत्यंत गंभीर और जानलेवा बीमारी है, जिसका बचाव केवल समय पर वैक्सीन लगाने से ही संभव है। विशेषज्ञों के अनुसार, कुत्ते या अन्य संक्रमित जानवर के काटने के बाद निर्धारित समयावधि में सभी डोज लेना बेहद जरूरी होता है। ऐसे में जिले में रेबीज वैक्सीन की कमी स्वास्थ्य विभाग की तैयारियों और आपूर्ति व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े कर रही है।
Niwari Rabies Vaccine Crisis: अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि प्रशासन इस मामले को कितनी गंभीरता से लेते हुए जिले के स्वास्थ्य केंद्रों में रेबीज वैक्सीन की उपलब्धता सुनिश्चित करता है, ताकि भविष्य में किसी मरीज को ऐसी स्थिति का सामना न करना पड़े।









