Driving License Scam: फर्जी दस्तावेजों पर ड्राइविंग लाइसेंस बनाने के खेल का खुलासा, रायगढ़ की ट्रेवल्स एजेंसी पर दबिश

VIKASH KHALKHO

Driving License Scam: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़। छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के सहारे ड्राइविंग लाइसेंस (DL) बनवाने वाले एक बड़े खेल का सनसनीखेज खुलासा हुआ है। सड़क हादसों पर अंकुश लगाने और यातायात व्यवस्था को पूरी तरह सुरक्षित बनाने के उद्देश्य से रायगढ़ पुलिस अब बेहद आक्रामक मोड में आ गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के कड़े दिशा-निर्देशन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस और क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (RTO) की संयुक्त टीम ने स्थानीय ‘बाबा ट्रेवल्स’ नामक एजेंसी पर औचक दबिश दी है। इस ट्रेवल्स एजेंसी पर बाहरी राज्यों के आवेदकों को फर्जी तरीके से रायगढ़ का स्थानीय निवासी दिखाकर भारी वाहनों (हेवी व्हीकल) के लाइसेंस बनवाने का बेहद गंभीर आरोप है। फिलहाल पुलिस और आरटीओ की संयुक्त टीम करीब 180 संदेहास्पद ड्राइविंग लाइसेंसों और उनसे जुड़े दस्तावेजों की सघन तस्दीक और सत्यापन करने में जुट गई है।

ओडिशा और अन्य राज्यों के आवेदकों को स्थानीय निवासी बताने की मिली थी शिकायत

इस पूरी कार्रवाई की पृष्ठभूमि पिछले दिनों आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक से जुड़ी है। बीते 17 अप्रैल 2026 को नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा की अध्यक्षता में पुलिस कंट्रोल रूम में छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों व बड़े वाहन मालिकों की एक महत्वपूर्ण समन्वय बैठक संपन्न हुई थी। इस बैठक में पुलिस, परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) और लोक निर्माण विभाग (PWD) को आपस में बेहतर तालमेल बनाकर समय-समय पर संयुक्त चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए गए थे। इसी कड़ी में 11 जून को पुलिस को एक लिखित शिकायत प्राप्त हुई, जिसमें बताया गया कि कुछ नवसीखिया और अकुशल चालक फर्जी हेवी लाइसेंसों के सहारे सड़कों पर यमदूत बनकर भारी वाहन दौड़ा रहे हैं। शिकायत में सीधे तौर पर ‘बाबा ट्रेवल्स’ संस्था का नाम सामने आया, जो कथित रूप से ओडिशा और अन्य पड़ोसी राज्यों के निवासियों के लिए फर्जी रेंट एग्रीमेंट (किरायानामा) और भ्रामक शपथ-पत्र तैयार कर उन्हें रायगढ़ का निवासी दर्शा रही थी।

समान पते पर बने दर्जनों लाइसेंस, असली आवेदक की जगह दूसरे से टेस्ट दिलाने का भी आरोप

शिकायत की संवेदनशीलता को देखते हुए एसएसपी श्री शशि मोहन सिंह ने तत्काल जांच के आदेश दिए। इसके बाद नगर पुलिस अधीक्षक श्री मयंक मिश्रा और यातायात उप पुलिस अधीक्षक श्री उत्तम प्रताप सिंह के संयुक्त नेतृत्व में आरटीओ और ट्रैफिक पुलिस की एक विशेष टीम ने बाबा ट्रेवल्स के दफ्तर में छापा मारा। शुरुआती जांच और वहां से जब्त दस्तावेजों के मिलान में ही टीम के होश उड़ गए, क्योंकि कई अलग-अलग आवेदकों के निवास प्रमाण पत्र और पते बिल्कुल एक समान पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह भी बेहद चौंकाने वाला तथ्य सामने आया है कि ड्राइविंग लाइसेंस प्रक्रिया के तहत आरटीओ में होने वाले अनिवार्य प्रैक्टिकल और थ्योरी टेस्ट (परीक्षण) में वास्तविक आवेदक की जगह किसी अन्य एक्सपर्ट व्यक्ति (प्रॉक्सी) को शामिल कर परीक्षा दिलाई जाती थी और फिर आसानी से हेवी लाइसेंस जारी करवा दिए जाते थे।

180 दस्तावेजों की गहन फोरेंसिक व प्रशासनिक जांच शुरू, संलिप्त एजेंसियों पर दर्ज होगी एफआईआर

इस बड़े फर्जीवाड़े को जड़ से उखाड़ने के लिए रायगढ़ पुलिस और परिवहन विभाग की संयुक्त टीम अब तक जारी किए गए लगभग 180 संदिग्ध लाइसेंसधारियों के दस्तावेजों, निवास प्रमाणों, किरायानामों और आरटीओ के आधिकारिक डिजिटल अभिलेखों का बारीकी से परीक्षण कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि यदि जांच में नियमों का उल्लंघन, जालसाजी या किसी शासकीय कर्मचारी की संलिप्तता प्रमाणित होती है, तो संबंधित फर्जी लाइसेंसधारियों के साथ-साथ इस घिनौने खेल में शामिल बाबा ट्रेवल्स एजेंसी के संचालकों के विरुद्ध धोखाधड़ी और जालसाजी की विभिन्न गैर-जमानती धाराओं के तहत एफआईआर (FIR) दर्ज कर उन्हें जेल भेजा जाएगा। इसके साथ ही उन सभी 180 फर्जी लाइसेंसों को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की कार्रवाई आरटीओ द्वारा की जाएगी।

सड़क सुरक्षा से कोई समझौता नहीं, फर्जीवाड़ा करने वाले जाएंगे जेल: एसएसपी

इस बड़ी और कड़क संयुक्त कार्रवाई के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के सभी ट्रांसपोर्टरों और दलालों को एक बेहद कड़ा और स्पष्ट संदेश दिया है। एसएसपी सिंह ने कहा, “फर्जी और कूट रचित दस्तावेजों के आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस प्राप्त करना और बिना सही ट्रेनिंग के सड़कों पर भारी वाहनों का संचालन करना सीधे तौर पर मासूम आम नागरिकों की जान से खिलवाड़ है और यह सड़क सुरक्षा के लिए एक बहुत गंभीर खतरा है। सड़क सुरक्षा से जुड़ी प्रशासनिक और कानूनी प्रक्रियाओं में किसी भी प्रकार की अनियमितता, घूसखोरी या भ्रष्टाचार को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस रैकेट की गहराई से जांच की जा रही है और इसमें संलिप्त प्रत्येक दोषी व्यक्ति के खिलाफ ऐसी कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी जो भविष्य के लिए एक नजीर बने।”

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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