Raigarh Police: गौरी शंकर गुप्ता/रायगढ़/खरसिया। रायगढ़ जिले में अवैध जुआ और ऑनलाइन सट्टेबाजी के खिलाफ जिला पुलिस प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन क्लीन हंट” को एक और बड़ी सफलता मिली है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह के सख्त दिशा-निर्देशों और कुशल मार्गदर्शन में कार्रवाई करते हुए चौकी खरसिया पुलिस ने ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा प्रकरण में लंबे समय से फरार चल रहे एक शातिर और सक्रिय आरोपी सुभेष अग्रवाल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी के पास से सट्टा संचालन में उपयोग किया जाने वाला मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत वैधानिक कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की इस कड़क कार्रवाई से सट्टा कारोबारियों में हड़कंप मच गया है।
अप्रैल 2025 में हुआ था गिरोह का भंडाफोड़, मुख्य आरोपी अंकित हुआ था गिरफ्तार
उल्लेखनीय है कि इस संगठित ऑनलाइन सट्टा गिरोह का भंडाफोड़ पिछले साल 29 अप्रैल 2025 को हुआ था। तब थाना साइबर और चौकी खरसिया पुलिस की संयुक्त टीम ने एक सटीक मुखबिर सूचना के आधार पर नवीन स्कूल के पास गली रोड, खरसिया में घेराबंदी कर रानीसती छपरी गंज निवासी मुख्य आरोपी अंकित अग्रवाल (37 वर्ष) को रंगे हाथों दबोचा था। उस समय पुलिस ने अंकित के कब्जे से एक सैमसंग गैलेक्सी S22 मोबाइल फोन और ₹21,000 नगद बरामद किए थे। जब पुलिस ने उसके मोबाइल की तकनीकी जांच की, तो उसमें ‘ALLPANELEXCH’ और ‘ALLPANELEXCH 9-CO’ नामक वॉट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से बेहद हाई-टेक तरीके से आईपीएल (IPL) और अन्य अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट मैचों में हार-जीत का दांव लगाकर ऑनलाइन सट्टा संचालित किए जाने के पुख्ता और अकाट्य प्रमाण मिले थे।
व्हाट्सऐप ग्रुपों के जरिए चलता था सट्टे का सिंडिकेट, सुभेष संभालता था पैसों का हिसाब
गिरफ्तारी के बाद पुलिस पूछताछ में आरोपी अंकित अग्रवाल ने कबूला था कि वह अकेले नहीं, बल्कि खरसिया के ही अमित अग्रवाल और सुभेष अग्रवाल के साथ मिलकर इस संगठित सट्टा नेटवर्क को चला रहा था। जांच में यह तथ्य सामने आया कि सुभेष अग्रवाल इस गिरोह का सबसे सक्रिय सदस्य था। वह विभिन्न वॉट्सऐप ग्रुपों के माध्यम से सट्टेबाजों से सीधा संपर्क साधता था, उन्हें सट्टा खिलाता था और सबसे महत्वपूर्ण काम यानी सट्टे के रुपयों के लेन-देन, वसूली और पूरे मुनाफे के हिसाब-किताब का जिम्मा संभालता था। अपराध साबित होने पर पुलिस ने चौकी खरसिया में अपराध क्रमांक 203/2025 के तहत धारा 6 एवं 7, छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के अंतर्गत मामला दर्ज किया था। घटना के बाद से ही सह-आरोपी अमित और सुभेष फरार हो गए थे।
फरार सुभेष रायगढ़ चौक से धराया, तीसरा आरोपी अमित अब भी पुलिस की रडार पर
“ऑपरेशन क्लीन हंट” के तहत फरार अपराधियों की खोजबीन में जुटी खरसिया पुलिस को आखिरकार सफलता मिल ही गई। मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि फरार आरोपी सुभेष अग्रवाल (पिता स्व. गजानंद अग्रवाल, उम्र 39 वर्ष, निवासी रायगढ़ चौक, खरसिया) चोरी-छिपे अपने इलाके में देखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने जाल बिछाकर उसे धर दबोचा। पुलिस अभिरक्षा में कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने अपना गुनाह स्वीकार कर लिया। आरोपी के मेमोरेंडम कथन के आधार पर पुलिस ने सट्टेबाजी में इस्तेमाल किया गया मोटोरोला कंपनी का ‘G60 Pro’ मॉडल मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। पुलिस ने बताया कि इस केस का तीसरा आरोपी अमित अग्रवाल (निवासी स्टेशन रोड, खरसिया) अभी भी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। इस पूरी कार्रवाई में चौकी प्रभारी त्रिनाथ त्रिपाठी सहित उनकी टीम की सराहनीय भूमिका रही।
अवैध कारोबारियों को एसएसपी का कड़ा संदेश: किसी को बख्शा नहीं जाएगा
इस सफल कार्रवाई के बाद रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) श्री शशि मोहन सिंह ने जिले के अपराधियों और अवैध कारोबार में संलिप्त लोगों को एक बेहद सख्त संदेश जारी किया है। एसएसपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा, “ऑनलाइन सट्टा, जुआ और नशीले पदार्थों की तस्करी जैसे संगठित अपराध समाज की जड़ों को खोखला कर रहे हैं। ऐसे अवैध और अनैतिक धंधों में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह कितना भी रसूखदार क्यों न हो, बख्शा नहीं जाएगा। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए ‘ऑपरेशन क्लीन हंट’ पूरी कड़ाई के साथ लगातार जारी रहेगा और ऐसे गिरोहों के पूरे नेटवर्क को नेस्तनाबूद किया जाएगा।”









