CG Police Suspension: रिश्वतखोर प्रधान आरक्षक सस्पेंड, वीडियो में कहा था- एसपी से शिकायत कर लाइन अटैच करा दो

VIKASH KHALKHO

CG Police Suspension: जांजगीर-चांपा। छत्तीसगढ़ के जांजगीर-चांपा जिले से खाकी को दागदार करने वाला एक बड़ा मामला सामने आया है। जिले की पंतोरा पुलिस चौकी में पदस्थ एक प्रधान आरक्षक को जमीन का अवैध कब्जा दिलाने के नाम पर एक ग्रामीण से मोटी रकम ऐंठने के आरोप में तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। पुलिस विभाग की छवि खराब करने वाले इस गंभीर मामले में जिले के पुलिस अधीक्षक (SP) ने त्वरित और सख्त रुख अपनाते हुए यह दंडात्मक कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद से पूरे जिला पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। आरोपी प्रधान आरक्षक का रिश्वत लेते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए थे।

जमीन विवाद सुलझाने और कब्जा दिलाने के नाम पर पीड़ित ग्रामीण से ऐंठे 40 हजार रुपये

पूरे मामले का खुलासा तब हुआ जब पंतोरा थाना बलौदा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम के निवासी विकाश देवांगन ने जांजगीर-चांपा के पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर एक लिखित शिकायती पत्र सौंपा। पीड़ित विकाश देवांगन ने अपनी शिकायत में विस्तार से बताया कि उनकी जमीन से जुड़े एक विवाद में पंतोरा चौकी में पदस्थ प्रधान आरक्षक क्रमांक 396 रमेश त्रिपाठी ने हस्तक्षेप किया था। प्रधान आरक्षक ने ग्रामीण को भरोसा दिलाया था कि वह पुलिसिया धौंस और प्रभाव का इस्तेमाल कर उसे जमीन पर पूर्ण कब्जा दिला देगा। इस काम के एवज में प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी ने पीड़ित से 40,000 रुपये की नगद राशि की मांग की थी, जिसे पीड़ित ने विवश होकर दे दिया था।

रिश्वत लेते हुए वीडियो हुआ वायरल, प्रधान आरक्षक ने दी थी खुली चुनौती

इस पूरे घूसकांड का सबसे चौंकाने वाला पहलू वह वीडियो है, जो पैसे के लेनदेन के दौरान चुपके से रिकॉर्ड कर लिया गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया के विभिन्न प्लेटफॉर्म्स पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी ग्रामीण से बेखौफ होकर रुपये ले रहा है। इतना ही नहीं, सत्ता और वर्दी के नशे में चूर प्रधान आरक्षक वीडियो में यह कहते हुए भी नजर आ रहा है कि “जाओ, एसपी से मेरी शिकायत कर दो और मुझे लाइन अटैच करा दो।” अनुशासनहीनता और भ्रष्टाचार की इस खुली चुनौती वाले वीडियो के सामने आने के बाद जिला पुलिस प्रशासन की चौतरफा किरकिरी हो रही थी।

एसपी की कड़क कार्रवाई, आरोपी पुलिसकर्मी को निलंबित कर भेजा रक्षित केंद्र

मामले की गंभीरता, लिखित शिकायत और सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे अकाट्य वीडियो साक्ष्य को देखते हुए जांजगीर-चांपा एसपी ने बिना किसी देरी के कड़ा फैसला लिया। एसपी ने प्रधान आरक्षक रमेश त्रिपाठी के कृत्य को घोर अनुशासनहीनता, पदीय कर्तव्यों के प्रति लापरवाही और पुलिस विभाग की छवि धूमिल करने वाला माना। निलंबन आदेश जारी करते हुए रमेश त्रिपाठी को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है। इसके साथ ही उन्हें पंतोरा चौकी से हटाकर रक्षित केंद्र (पुलिस लाइन) जांजगीर संबद्ध कर दिया गया है। निलंबन आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि इस पूरी निलंबन अवधि के दौरान आरोपी प्रधान आरक्षक को नियमानुसार केवल जीवन निर्वाह भत्ते की ही पात्रता होगी, उन्हें कोई अन्य पुलिसिया सुविधाएं नहीं मिलेंगी। मामले की विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

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विकास कुमार खलखो एक डिजिटल पत्रकार, समाचार संपादक और SEO कंटेंट क्रिएटर हैं, जिन्हें पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में एक दशक से अधिक का अनुभव है। उन्होंने BJMC, Master of Journalism (MJ) और M.Phil. (मीडिया स्टडीज़) की डिग्री हासिल की है और दबंग दुनिया, हमर छत्तीसगढ़ योजना, हरिभूमि, सन स्टार डेली न्यूज़ और छत्तीसगढ़ की आवाज़ जैसे प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें हिंदी पत्रकारिता, ब्रेकिंग न्यूज़ कवरेज, SEO-फ्रेंडली कंटेंट राइटिंग, डिजिटल पब्लिशिंग, कंटेंट स्ट्रैटेजी, थंबनेल डिज़ाइन और सोशल मीडिया मैनेजमेंट में विशेष महारत हासिल है। उनका उद्देश्य सटीक, निष्पक्ष और विश्वसनीय पत्रकारिता के माध्यम से पाठकों तक प्रभावशाली समाचार पहुँचाना और साथ ही उच्च गुणवत्ता वाला डिजिटल कंटेंट तैयार करना है।
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