MPESB Exam Cancelled: भोपाल। मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MPESB) की कार्यप्रणाली और लचर व्यवस्था एक बार फिर विवादों के घेरे में है। राजधानी भोपाल के मित्तल कॉलेज परीक्षा केंद्र पर रविवार को आयोजित वनरक्षक, क्षेत्र रक्षक और जेल प्रहरी भर्ती परीक्षा सर्वर क्रैश होने के कारण रद्द कर दी गई। दोपहर से लेकर शाम तक चले इस पूरे घटनाक्रम के बाद परीक्षा केंद्र पर परीक्षार्थियों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए परिसर में ही धरना शुरू कर दिया। कॉलेज प्रबंधन ने अपनी तकनीकी खामी को सुधारने या छात्रों को संतुष्ट करने के बजाय मौके पर पुलिस बुला ली, जिसने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को परिसर से बाहर खदेड़ दिया। इस अव्यवस्था के चलते सैकड़ों किलोमीटर दूर से आए परीक्षार्थियों को भारी मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, मध्य प्रदेश में 4 जून से 19 जून तक चलने वाली इस संयुक्त भर्ती परीक्षा के तहत रविवार को दूसरी पाली के लिए अभ्यर्थियों को दोपहर 12:30 बजे रिपोर्टिंग का समय दिया गया था। छात्र समय पर केंद्र के भीतर दाखिल भी हो गए, लेकिन तय वक्त के बाद भी जब सिस्टम चालू नहीं हुए, तो असमंजस की स्थिति बन गई। अभ्यर्थियों का आरोप है कि कॉलेज प्रबंधन उन्हें लगातार तकनीकी समस्या ठीक होने का झांसा देता रहा। करीब चार घंटे तक कमरों में बिठाए रखने के बाद शाम 4:30 बजे अचानक घोषणा की गई कि मुख्य सर्वर पूरी तरह क्रैश हो चुका है और आज की परीक्षा निरस्त की जाती है।
पेपर लीक की आशंका, निष्पक्ष जांच की मांग
परीक्षा रद्द होने की आधिकारिक घोषणा सुनते ही अभ्यर्थियों का धैर्य जवाब दे गया। देवांशु तिवारी सहित अनेक प्रभावित छात्रों ने कॉलेज कैंपस के बाहर बैठकर नारेबाजी शुरू कर दी। प्रदर्शनकारी छात्रों ने देशव्यापी नीट (NEET) पेपर लीक मामले का हवाला देते हुए इस घटनाक्रम के पीछे भी बड़ी धांधली और पेपर लीक की आशंका व्यक्त की है। छात्रों का कहना है कि उन्हें पूरे दिन न तो पीने का पानी मुहैया कराया गया और न ही प्रबंधन का कोई जिम्मेदार अधिकारी स्थिति स्पष्ट करने सामने आया। नाराज युवाओं ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच कराने की मांग बुलंद की है।
अधिकारियों की चुप्पी बरकरार, दोबारा परीक्षा की मांग
हंगामे की स्थिति को देखते हुए मित्तल कॉलेज प्रशासन ने स्थानीय पुलिस को सूचित किया। मौके पर पहुंची पुलिस ने सुरक्षा का हवाला देते हुए प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं को बलपूर्वक परीक्षा केंद्र परिसर से बाहर का रास्ता दिखा दिया। पीड़ित अभ्यर्थियों ने अब मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल और राज्य प्रशासन से गुहार लगाई है कि प्रभावित उम्मीदवारों के लिए जल्द से जल्द पूरी पारदर्शिता के साथ दोबारा परीक्षा आयोजित की जाए। हालांकि, रविवार देर रात तक इस संवेदनशील गड़बड़ी और छात्रों के हंगामे को लेकर MPESB के वरिष्ठ अधिकारियों की ओर से कोई भी आधिकारिक स्पष्टीकरण या बयान जारी नहीं किया गया था।









