Dhamtari Police Checking: धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के अर्जुनी थाना क्षेत्र से शनिवार को एक बेहद संवेदनशील और विवादित मामला प्रकाश में आया है। थाना प्रभारी और एक बाइक सवार युवक के बीच देर रात चेकिंग के दौरान हुई तीखी बहस का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में मोटरसाइकिल चालक युवक पुलिस टीम पर मारपीट और बदसलूकी करने का गंभीर आरोप लगाता नजर आ रहा है, जबकि मौके पर मौजूद पुलिस अधिकारियों ने इन आरोपों को पूरी तरह सिरे से खारिज कर दिया है। यह पूरा घटनाक्रम अर्जुनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम मुजगहन के पास मुख्य मार्ग का बताया जा रहा है, जो अब पुलिस महकमे और आम जनता के बीच चर्चा का मुख्य विषय बन गया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, बीती रात करीब एक से डेढ़ बजे के बीच एक युवक अपनी पत्नी और मासूम बच्चे के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर आमदी की ओर जा रहा था। इसी दौरान इलाके में मुस्तैदी से रात्रि गश्त पर निकली अर्जुनी पुलिस की टीम ने सुरक्षा के मद्देनजर उसे रोककर पूछताछ शुरू की। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, प्रारंभिक चेकिंग के दौरान युवक की गाड़ी की स्थिति, टूटी हुई नंबर प्लेट और दिखाए गए कागजात में भारी विरोधाभास पाया गया। जब पुलिसकर्मियों ने इस विसंगति को लेकर कड़ाई से पूछताछ की, तो दोनों पक्षों के बीच विवाद की स्थिति निर्मित हो गई और देखते ही देखते बहस ने उग्र रूप ले लिया।
मामले में पुलिस अधिकारियों का पक्ष है कि संबंधित मार्ग पर पूर्व में भी कई बार देर रात लूटपाट, राहजनी और चाकूबाजी जैसी संगीन वारदातें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में बेहद संवेदनशील और सुनसान इलाके में रात के डेढ़ बजे एक परिवार को संदिग्ध अवस्था में घूमते देखकर सुरक्षा के दृष्टिकोण से ही पूछताछ की गई थी। पुलिस का कहना है कि युवक स्थानीय निवासी नहीं है और पूछताछ में उसने अपने नाम को लेकर अलग-अलग जानकारियां दीं। वर्तमान में वह आमदी क्षेत्र में एक किराये के मकान में रह रहा है, जिसका स्थानीय सत्यापन कराया जा रहा है। इसके अलावा युवक किसी अन्य प्रांतीय भाषा में बातचीत कर रहा था, जिसके कारण उसकी पहचान और दस्तावेजों के सत्यापन में समय लगा।
इस पूरे विवाद के सोशल मीडिया पर आने के बाद धमतरी के पुलिस अधीक्षक (SP) सूरज सिंह परिहार ने मामले को संज्ञान में लेते हुए त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि इस घटना से जुड़े दो अलग-अलग विरोधाभासी वीडियो सामने आए हैं। एक वीडियो जहां प्रार्थी के पक्ष का माहौल दिखाता है, वहीं दूसरे वीडियो में प्रार्थी स्वयं पुलिस टीम को काफी उकसाता और विवाद को बढ़ाता हुआ नजर आ रहा है। एसपी ने स्पष्ट किया कि मामले की वास्तविक वस्तुस्थिति और निष्पक्षता जानने के लिए घटना स्थल पर तैनात संबंधित पुलिसकर्मियों को तत्काल प्रभाव से कारण बताओ (शोकॉज) नोटिस जारी कर दिया गया है। पुलिस मुख्यालय स्तर पर इस पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच की जा रही है और जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई तय की जाएगी।









