Durg Paddy Center Fire: दुर्ग। छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले से एक बेहद दर्दनाक और बड़ी लापरवाही की खबर सामने आ रही है। जिले के नंदिनी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले कुड़िया धान खरीदी केंद्र में शनिवार सुबह अचानक भीषण आग लग गई। इस अग्निकांड की चपेट में आने से केंद्र में सुरक्षित संग्रहित करके रखा गया लगभग 510 क्विंटल धान जलकर पूरी तरह से राख हो गया है। शनिवार सुबह जैसे ही खरीदी केंद्र से आग की ऊंची-ऊंची लपटें और धुएं का गुबार उठता देखा गया, पूरे इलाके में हड़कंप और अफरा-तफरी का माहौल निर्मित हो गया। बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण और किसान तत्काल मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार आग पर काबू पा लिया, लेकिन तब तक लाखों रुपये का धान नष्ट हो चुका था।
इस पूरे हादसे के पीछे की मुख्य वजह एक बेहद चौंकाने वाली मानवीय लापरवाही बताई जा रही है। कुड़िया धान खरीदी केंद्र के प्रभारी दीपक कुमार कन्नौज ने घटना के संबंध में विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि धान खरीदी केंद्र के ठीक समीप स्थित एक निजी खेत में सुबह खरपतवार (सूखी घास और कचरा) को जलाकर नष्ट करने के उद्देश्य से आग लगाई गई थी। इसी दौरान अचानक मौसम बदला और तेज हवाएं चलने लगीं। तेज हवा के झोंकों के कारण खेत की आग पर से नियंत्रण खो गया और चिंगारियां उड़कर सीधे धान खरीदी केंद्र के परिसर तक पहुंच गईं।
परिसर में सूखी बोरियों और भारी मात्रा में धान का स्टॉक होने के कारण आग ने बेहद तेजी से फैलना शुरू कर दिया। देखते ही देखते वहां व्यवस्थित तरीके से रखे गए धान के सैकड़ों बोरों से काला धुआं उठने लगा और कुछ ही मिनटों के भीतर आग ने विकराल व वीभत्स रूप धारण कर लिया। केंद्र प्रभारी दीपक कुमार कन्नौज के मुताबिक, खेत में लगाई गई आग की एक छोटी सी गलती के कारण लाखों रुपये का सरकारी धान देखते ही देखते आँखों के सामने स्वाहा हो गया। मौके पर मौजूद कर्मचारियों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन लपटें इतनी तेज थीं कि बिना दमकल विभाग के उन्हें रोकना असंभव था।
स्थानीय प्रशासन और नंदिनी थाना पुलिस की टीम भी घटना की सूचना मिलते ही मौके पर मुस्तैद हो गई है। पुलिस ने राजस्व और सहकारिता विभाग के अधिकारियों के साथ मिलकर नुकसान का प्रारंभिक आकलन शुरू कर दिया है। अधिकारियों का कहना है कि आगजनी के कारणों और इसके लिए जिम्मेदार व्यक्तियों की पहचान करने के लिए विस्तृत जांच की जा रही है। इस अग्निकांड से जहां एक ओर सरकारी संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है, वहीं क्षेत्र के किसानों में भी इस लापरवाही को लेकर गहरा आक्रोश देखा जा रहा है। स्थानीय ग्रामीणों ने मांग की है कि धान खरीदी केंद्रों के आसपास सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम होने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।









