Vaibhav Sooryavanshi IPL Records: खेल ब्यूरो, पटना/समस्तीपुर। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में जब भी सबसे कम उम्र में सबसे बड़े कीर्तिमान स्थापित करने वाले खिलाड़ियों का नाम लिया जाएगा, बिहार के समस्तीपुर (ताजपुर) के रहने वाले 15 वर्षीय युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) का नाम सुनहरे अक्षरों में सबसे ऊपर दर्ज होगा। मात्र 12 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी (रणजी ट्रॉफी) क्रिकेट में कदम रखने वाले और 13 साल की उम्र में दुनिया की सबसे बड़ी क्रिकेट लीग आईपीएल (IPL) का अनुबंध हासिल करने वाले बाएं हाथ के इस विस्फोटक सलामी बल्लेबाज ने साल 2025 और 2026 में अंतरराष्ट्रीय और घरेलू मंच पर रनों का ऐसा सैलाब लाया है, जिसने क्रिस गेल, एबी डी विलियर्स और युवराज सिंह जैसे दिग्गजों के रिकॉर्ड्स को भी पीछे छोड़ दिया है।/crictoday/media/media_files/wp-content/uploads/2026/02/vaibhav.webp)
पिता संजीव का अधूरा सपना और 100 किमी का कड़ा संघर्ष 27 मार्च 2011 को जन्मे वैभव सूर्यवंशी के क्रिकेट सफर की शुरुआत बेहद साधारण परिस्थितियों में हुई थी। उनके पिता संजीव सूर्यवंशी, जो पेशे से एक किसान हैं और स्थानीय स्तर पर खुद एक क्रिकेटर बनने की हसरत रखते थे, ने महज 4 साल की उम्र में वैभव के हाथों में बल्ला थमा दिया था। बेटे की असाधारण प्रतिभा को देखते हुए पिता ने अपने घर के पीछे ही एक छोटा सा मैदान तैयार किया। जब वैभव 8-9 साल के हुए, तो उन्हें बेहतर ग्रूमिंग के लिए पटना में पूर्व रणजी खिलाड़ी मनीष ओझा की ‘जेननेक्स क्रिकेट एकेडमी’ में दाखिल कराया गया। वैभव और उनके पिता अपनी साइकिल और लोकल साधनों से समस्तीपुर से पटना तक का लगभग 100 किलोमीटर का सफर हर दूसरे दिन तय करते थे। कोच मनीष ओझा नेट पर वैभव को रोजाना 600 से अधिक गेंदें फेंककर अभ्यास कराते थे, जिसका नतीजा आज पूरी दुनिया के सामने है।
रणजी, लिस्ट-ए और आईपीएल में सबसे युवा डेब्यू का विश्व रिकॉर्ड वैभव ने जनवरी 2024 में महज 12 साल और 284 दिन की उम्र में मुंबई के खिलाफ बिहार के लिए अपना रणजी ट्रॉफी डेब्यू किया। वह आधुनिक क्रिकेट इतिहास में ऐसा करने वाले सबसे युवा भारतीय बने। इसके बाद नवंबर 2024 में 13 साल 241 दिन की उम्र में सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी (T20) और दिसंबर 2024 में विजय हजारे ट्रॉफी (List A) में डेब्यू कर उन्होंने भारत के घरेलू क्रिकेट इतिहास को नए सिरे से लिखा। विजय हजारे ट्रॉफी में अरुणाचल प्रदेश के खिलाफ महज 14 साल की उम्र में उन्होंने 84 गेंदों में 190 रनों की ऐतिहासिक पारी खेली, जिसमें उन्होंने 59 गेंदों में 150 रन बनाकर महान एबी डी Villiers का सबसे तेज 150 रनों का वर्ल्ड रिकॉर्ड ध्वस्त कर दिया।
राजस्थान रॉयल्स के लिए आईपीएल 2026 में मचाया कोहराम; जीते 5 बड़े अवार्ड्स नवंबर 2024 की मेगा ऑक्शन में राजस्थान रॉयल्स (Rajasthan Royals) के हाई-परफॉर्मेंस डायरेक्टर जुबिन भरूचा की पारखी नजरों ने वैभव को पहचाना और दिल्ली कैपिटल्स के साथ हुई कड़ी बिडिंग वॉर के बाद ₹1.1 करोड़ की भारी-भरकम राशि में उन्हें अपनी टीम में शामिल किया। 19 अप्रैल 2025 को 14 वर्ष और 23 दिन की उम्र में लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ पहली ही गेंद पर छक्का मारकर डेब्यू करने वाले वैभव ने कुछ ही दिनों बाद गुजरात टाइटंस के खिलाफ महज 35 गेंदों में शतक जड़कर आईपीएल इतिहास का दूसरा सबसे तेज और किसी भी भारतीय द्वारा सबसे तेज शतक का रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया था।
वहीं, साल 2026 के अपने दूसरे आईपीएल सीजन में तो वैभव ने बल्लेबाजी के सारे प्रतिमान ही बदल दिए। उन्होंने पूरे सीजन में 16 मैचों के दौरान 237.30 के अविश्वसनीय स्ट्राइक रेट से कुल 776 रन कूटे। सनराइजर्स हैदराबाद के खिलाफ एलिमिनेटर मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 29 गेंदों में 97 रन बनाए, जिसमें 12 गगनचुंबी छक्के शामिल थे। इस सीजन में उन्होंने कुल 72 छक्के लगाए और क्रिस गेल के एक सीजन में सर्वाधिक छक्कों के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। इस अद्भुत प्रदर्शन के लिए 15 साल के वैभव को आईपीएल 2026 का ‘मोस्ट वैल्यूएबल प्लेयर’ (MVP), ‘ऑरेंज कैप’, ‘इमर्जिंग प्लेयर ऑफ द सीजन’, ‘सुपर सिक्सर’ और ‘सुपर स्ट्राइकर ऑफ द सीजन’ के प्रतिष्ठित पुरस्कारों से नवाजा गया।
अंडर-19 वर्ल्ड कप 2026 के भी बने सरताज घरेलू लीग के अलावा अंडर-19 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भी वैभव का दबदबा रहा। इंग्लैंड के खिलाफ यूथ वनडे में महज 52 गेंदों पर शतक लगाकर इतिहास रचने वाले वैभव ने हाल ही में संपन्न हुए आईसीसी अंडर-19 क्रिकेट वर्ल्ड कप 2026 (ICC U19 World Cup) के फाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के खिलाफ महज 80 गेंदों पर 175 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 15 चौके और 15 छक्के शामिल थे। पूरे टूर्नामेंट में 62.71 की औसत और 169.49 के स्ट्राइक रेट से 439 रन बनाने के कारण उन्हें ‘प्लेयर ऑफ द टूर्नामेंट’ चुना गया। हालांकि उनकी वास्तविक उम्र को लेकर कुछ विवाद भी सामने आए, लेकिन पिता संजीव सूर्यवंशी के मुताबिक वैभव ने बीसीसीआई (BCCI) के सभी कड़े बोन डेंसिटी टेस्ट और आयु सत्यापन प्रोटोकॉल को पूरी तरह से और हर बार सफलतापूर्वक पास किया है। वेस्टइंडीज के महान खिलाड़ी ब्रायन लारा को अपना आदर्श मानने वाले वैभव सूर्यवंशी आज देश के करोड़ों युवाओं और बच्चों के लिए प्रेरणा का सबसे बड़ा स्रोत बन चुके हैं।









