Shajapur CM Protest Case: नितिन परमार\शाजापुर। मध्य प्रदेश के शाजापुर में मुख्यमंत्री Mohan Yadav का पुतला जलाने के मामले ने राजनीतिक तूल पकड़ लिया है। मुख्यमंत्री के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करने वाले कांग्रेस कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नौ नामजद नेताओं और तीन-चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई शाजापुर कोतवाली पुलिस ने रविवार रात बस स्टैंड क्षेत्र में हुए प्रदर्शन के बाद की है।
बयानबाजी के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
Shajapur CM Protest Case: पूरा विवाद उस समय शुरू हुआ जब शुजालपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री मोहन यादव और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष Jitu Patwari के बीच तीखी बयानबाजी सामने आई। राजनीतिक मंच से दोनों नेताओं द्वारा एक-दूसरे पर की गई टिप्पणियों के बाद प्रदेश की राजनीति गरमा गई।
Shajapur CM Protest Case: मुख्यमंत्री की टिप्पणी से नाराज कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रविवार रात शाजापुर बस स्टैंड क्षेत्र में विरोध प्रदर्शन आयोजित किया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री के खिलाफ नारेबाजी की और उनका पुतला फूंककर विरोध दर्ज कराया।
पुलिस पहुंची, लेकिन जल चुका था पुतला
Shajapur CM Protest Case: घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री का पुतला जला चुके थे। पुलिस को घटनास्थल से जले हुए पुतले के अवशेष मिले। मौके पर मौजूद लोगों द्वारा बनाए गए वीडियो और फोटो भी पुलिस ने जब्त किए हैं, जिनके आधार पर आरोपियों की पहचान की गई।
Shajapur CM Protest Case: प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद थे और उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
इन नेताओं और कार्यकर्ताओं पर दर्ज हुआ मामला
Shajapur CM Protest Case: पुलिस जांच में जिन लोगों की पहचान हुई है, उनमें मांगीलाल नायक, दीपक तालोदिया, इरशाद नागोरी, नरेश्वर प्रताप सिंह, आशुतोष शर्मा, सीताराम पवैया, इरशाद खान, अकिल वारसी और सरलेश चतुर्वेदी शामिल हैं। इसके अलावा तीन से चार अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है।
Shajapur CM Protest Case: पुलिस का कहना है कि उपलब्ध वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे भी आरोपियों की पहचान की जा सकती है।
प्रशासन के आदेश की अनदेखी का आरोप
Shajapur CM Protest Case: कोतवाली पुलिस के मुताबिक, जिला प्रशासन द्वारा 12 मई 2026 को जारी आदेश के तहत बिना अनुमति धरना, प्रदर्शन, रैली और जुलूस निकालने पर प्रतिबंध लगाया गया था। इसके बावजूद सार्वजनिक स्थल पर प्रदर्शन और पुतला दहन किया गया।
Shajapur CM Protest Case: पुलिस ने इसे प्रशासनिक आदेश का उल्लंघन मानते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 (ए) सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया है। मामले की जांच जारी है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा तेज
Shajapur CM Protest Case: मुख्यमंत्री के पुतला दहन और उसके बाद हुई एफआईआर ने जिले की राजनीति को गर्मा दिया है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने मुख्यमंत्री के बयान के विरोध में लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन किया, जबकि प्रशासन इसे कानून व्यवस्था और प्रतिबंधात्मक आदेशों के उल्लंघन का मामला मान रहा है।
Shajapur CM Protest Case: अब इस पूरे मामले पर राजनीतिक प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया है और आने वाले दिनों में यह विवाद और गहरा सकता है।









