Rice Procurement Fraud: छत्तीसगढ़ धान घोटाला: सारंगढ़-बिलाईगढ़ के साल्हेओना उपार्जन केंद्र में ₹99 लाख से अधिक का फर्जीवाड़ा, समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर गिरफ्तार

Rice Procurement Fraud: सारंगढ़-बिलाईगढ़। छत्तीसगढ़ के नवगठित जिले सारंगढ़-बिलाईगढ़ के अंतर्गत आने वाले सरिया थाना क्षेत्र से सहकारिता और खाद्य विभाग को हिलाकर रख देने वाले एक बड़े और संगठित धान घोटाले का भंडाफोड़ हुआ है। यहाँ साल्हेओना उपार्जन केंद्र (धान खरीदी केंद्र) में बिना धान की वास्तविक आवक और भौतिक उपस्थिति के ही, तकनीकी हेरफेर कर करीब 99.12 लाख रुपये की शासकीय राशि का गबन किए जाने का मामला सामने आया है। मामले की विधिक शिकायत और विभागीय जांच प्रतिवेदन के आधार पर सरिया थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उपार्जन केंद्र के समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर को रंगे हाथों गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। इस कार्रवाई के बाद से जिले के अन्य धान खरीदी केंद्रों और सहकारिता जगत में हड़कंप का माहौल व्याप्त है।

15 नवंबर से 6 फरवरी के बीच हुआ खेल; भौतिक सत्यापन में खुली पोल

सरिया पुलिस और खाद्य विभाग के आला अधिकारियों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी के अनुसार, खरीफ विपणन वर्ष 2025-26 के धान खरीदी सीजन के दौरान साल्हेओना केंद्र में बड़े पैमाने पर विसंगतियों की शिकायतें मिल रही थीं। इस इनपुट के आधार पर जब सहायक खाद्य अधिकारी (AFO) विद्यानंद पटेल और उनकी तकनीकी टीम ने उपार्जन केंद्र का औचक निरीक्षण और भौतिक सत्यापन (Physical Verification) किया, तो रिकॉर्ड और धरातल की स्थिति में जमीन-आसमान का अंतर पाया गया।

विभागीय जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि 15 नवंबर 2025 से लेकर 6 फरवरी 2026 की अवधि के भीतर कुल 3,140.80 क्विंटल धान की ऐसी फर्जी ऑनलाइन खरीदी दर्शाई गई थी, जो वास्तव में केंद्र में कभी पहुंची ही नहीं थी। जब गोदामों में रखे स्टॉक और जूट बारदानों (बोरों) की गिनती की गई, तो कुल 99 लाख 12 हजार 411 रुपये मूल्य के धान और बारदाने गायब (कम) पाए गए।

फर्जी टोकन और बायोमैट्रिक-आइरिस स्कैनर का दुरुपयोग कर लगाई सरकारी खजाने को चपत

जांच डायरी के अनुसार, इस पूरे सिंडिकेट को समिति प्रबंधक और कंप्यूटर ऑपरेटर ने मिलकर अंजाम दिया था। आरोपियों ने भोले-भाले स्थानीय किसानों के नाम पर उनकी अनुपस्थिति में कूट रचित और फर्जी ऑनलाइन टोकन जारी कर दिए। इसके बाद, शासन द्वारा पारदर्शिता के लिए लगाए गए तकनीकी उपकरणों— बायोमैट्रिक (अंगूठे का निशान) और आइरिस स्कैनर (आंखों की पुतली का मिलान)— की सुरक्षा प्रणाली में सेंधमारी करते हुए या अनुचित दबाव बनाकर कंप्यूटर सॉफ्टवेयर पर फर्जी तौल प्रविष्टि (ऑनलाइन एंट्री) दर्ज कर दी। इस झूठी एंट्री के जरिए धान उपार्जन की करोड़ों रुपये की राशि को ठिकाने लगाकर व्यक्तिगत गबन कर लिया गया।

भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज; पुराने रिकॉर्ड पर उठे सवाल

सहायक खाद्य अधिकारी विद्यानंद पटेल की विस्तृत विधिक लिखित रिपोर्ट पर सरिया थाना पुलिस ने त्वरित संज्ञान लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ अपराध क्रमांक 101/2026 दर्ज करते हुए नए दंडात्मक कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 316(5) (लोक सेवक द्वारा विश्वास का आपराधिक हनन) एवं 3(5) (साझा मंशा/समान आशय) के तहत गैर-जमानती गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें पुलिस कस्टडी में ले लिया।

इस पूरे महाघोटाले में सबसे चौंकाने वाला और गंभीर प्रशासनिक पहलू यह सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी समिति प्रबंधक पर पूर्व में भी वित्तीय अनियमितताओं और गबन के गंभीर आरोप लग चुके थे, जिसके चलते उन्हें पूर्व में सेवा से पृथक या पद से हटाया गया था। इसके बावजूद, सहकारिता विभाग के किस रसूखदार अधिकारी के संरक्षण में उन्हें दोबारा इतने संवेदनशील और महत्वपूर्ण धान उपार्जन केंद्र की कमान सौंप दी गई, यह समूचे अंचल में तीखी चर्चा और जांच का विषय बना हुआ है।

उच्चाधिकारियों की भूमिका संदिग्ध; निष्पक्ष उच्च स्तरीय जांच की मांग

इस बड़ी रिकवरी और गिरफ्तारी के बाद सरिया थाना प्रभारी ने बताया कि कंप्यूटर और लॉगिन क्रेडेंशियल्स को तकनीकी जांच के लिए सीज कर दिया गया है। इधर, साल्हेओना और सरिया क्षेत्र के किसान संगठनों व स्थानीय ग्रामीणों ने इस घोटाले पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है। ग्रामीणों की मांग है कि इस करोड़ों रुपये के घोटाले की आंच केवल छोटे कर्मचारियों तक सीमित न रहे, बल्कि उन उच्चाधिकारियों और बैंक नोडल अफसरों की भूमिका की भी उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच की जाए जिन्होंने एक दागी प्रबंधक को दोबारा वित्तीय अधिकार सौंपे। पुलिस के अनुसार, रिमांड के दौरान आरोपियों से पूछताछ की जा रही है कि इस काली कमाई का हिस्सा किन-किन लोगों तक पहुंचा है, जिससे मामले में आगे कुछ और बड़ी गिरफ्तारियां होने की प्रबल संभावना है।

Share The News
[youtube_shorts]

Popular News

CG Transfer Breaking : वाणिज्यिक कर विभाग में बड़ा फेरबदल, 21 कर्मचारियों का तबादला

CG Transfer Breaking :रायपुर। राज्य शासन के वाणिज्यिक कर...

Raipur Police Commissioner: IPS डॉ. संजीव शुक्ला ने संभाला पुलिस आयुक्त का पदभार… जानिए क्या कुछ कहा

Raipur Police Commissioner:रायपुर : रायपुर पुलिस कमिश्नरेट प्रणाली के...

Related Articles

Popular Categories