Murder of a Missing Youth: रीवा/बांदा। मध्य प्रदेश के रीवा जिला मुख्यालय के कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले निपनिया अंचल से पिछले दिनों संदेहास्पद परिस्थितियों में गायब हुए एक युवक का सुराग आखिरकार उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में मिला है। पीड़ित परिजनों के भारी आक्रोश, विरोध-प्रदर्शन और रीवा पुलिस अधीक्षक (SP) के कड़े हस्तक्षेप के बाद शनिवार-रविवार की दरमियानी रात रीवा की कोतवाली पुलिस आनन-फानन में बांदा के लिए रवाना हुई। रविवार सुबह बांदा पहुंची पुलिस टीम को वहां बड़ी सफलता और चौंकाने वाले साक्ष्य मिले हैं।
पुलिस ने बांदा में दबिश देकर एक सुरक्षा एजेंसी के संचालक के ठिकाने से लापता युवक के जूते बरामद किए हैं, जबकि वहीं के जिला अस्पताल की मर्चुरी (शवगृह) में एक अज्ञात शव रखे होने की जानकारी भी सामने आई है। इस इनपुट के बाद रीवा पुलिस ने पीड़ित परिवार को शिनाख्तगी के लिए तत्काल बांदा बुलवाया है। आशंका जताई जा रही है कि मर्चुरी में रखा शव रीवा से लापता युवक अनूप सेन का ही है, जिसकी सुनियोजित तरीके से हत्या कर दी गई है।
सुरक्षा एजेंसी ‘अनिका सिक्योरिटी’ के मालिक और उनके परिवार पर हत्या का संगीन आरोप
इस पूरे मामले में रीवा और बांदा की कानून व्यवस्था को हिलाकर रख देने वाले सनसनीखेज आरोप सामने आए हैं। लापता युवक अनूप सेन (पिता धर्मेंद्र सेन, उम्र लगभग 22 वर्ष, निवासी निपनिया, थाना कोतवाली, रीवा) के पिता धर्मेंद्र सेन और दादा नत्थू लाल सेन ने सीधे तौर पर एक रसूखदार सुरक्षा एजेंसी के संचालकों पर हत्या की कूटरचना का आरोप मढ़ा है।
परिजनों का आरोप है कि ‘अनिका सिक्योरिटी सर्विसेस’ (Anika Security Service) के संचालक विवेक चतुर्वेदी, वंदना तिवारी, उनके पारिवारिक सदस्य यशवंत चतुर्वेदी और मनगवां थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवागाँव निवासी शिवम सेन ने एक सोची-समझी साजिश के तहत अनूप को रीवा से अगवा किया। इसके बाद आरोपी उसे मध्य प्रदेश की सीमा पार कराकर उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में ले गए, जहां सुनियोजित तरीके से उसकी बेरहमी से हत्या कर दी गई और साक्ष्य छुपाने के उद्देश्य से शव को लावारिस हालत में फेंक दिया गया।
पुलिस की शुरुआती लापरवाही से बढ़ा आक्रोश; एसपी की सख्ती के बाद मुस्तैद हुआ अमला
पीड़ित परिवार का आरोप है कि अनूप के अचानक गायब होने और अनहोनी की आशंका के चलते वे लगातार कोतवाली थाने के चक्कर काटते रहे और गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराकर त्वरित कार्रवाई की गुहार लगाते रहे। लेकिन स्थानीय स्तर पर पुलिस अधिकारियों की उदासीनता और कथित लापरवाही के कारण आरोपियों को भागने का मौका मिल गया। थक-हारकर पीड़ित परिवार ने रीवा पुलिस अधीक्षक से मुलाकात कर रो-रोकर अपने बेटे को ढूंढने की भीख मांगी और सुरक्षा एजेंसी के मालिक विवेक चतुर्वेदी और उसकी पत्नी वंदना तिवारी पर पुख्ता संदेह व्यक्त किया।
मामले की गंभीरता और कानून व्यवस्था की स्थिति को देखते हुए एसपी ने तत्काल कोतवाली पुलिस को फटकार लगाई और आरोपियों को राउंडअप करने के निर्देश दिए। रीवा पुलिस ने जब संदेही सुरक्षा एजेंसी के मालिक विवेक चतुर्वेदी और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर कड़ाई से तकनीकी पूछताछ शुरू की, तो आरोपियों के बयान लड़खड़ा गए। पुलिसिया सख्ती के बाद आरोपियों ने बांदा से जुड़े अहम् सुराग उगल दिए।
मुख्य आरोपी को साथ लेकर बांदा पहुंची पुलिस; मर्चुरी में शव की शिनाख्त जारी
इन महत्वपूर्ण कड़ियों और सुरागों के हाथ लगते ही रीवा कोतवाली पुलिस की एक विशेष विधिक टीम मुख्य आरोपी विवेक चतुर्वेदी को अपने साथ (पुलिस रिमांड/हिरासत में) लेकर शनिवार की देर रात बांदा के लिए रवाना हुई और रविवार की सुबह बांदा पहुंच गई। बांदा पुलिस के सहयोग से जब चिन्हित ठिकानों पर छापेमारी की गई, तो आरोपी के परिसर से गायब युवक अनूप सेन के वही जूते बरामद हो गए जिन्हें वह गायब होने वाले दिन पहनकर निकला था। इसके बाद बांदा पुलिस ने रीवा पुलिस को सूचित किया कि हाल ही में जिले से एक अज्ञात युवक का शव लावारिस हालत में बरामद हुआ था, जिसे शिनाख्त के लिए सुरक्षित मर्चुरी में रखवाया गया है।
वर्तमान में रीवा से बांदा पहुंचे पीड़ित पिता धर्मेंद्र सेन और दादा नत्थू लाल सेन की मौजूदगी में कोतवाली पुलिस शव के हुलिये, कपड़ों और अन्य शारीरिक पहचान चिन्हों के आधार पर पंचनामा तैयार कर शिनाख्तगी की विधिक औपचारिकताएं पूरी कर रही है। रीवा पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, बांदा पुलिस से पोस्टमार्टम रिपोर्ट (PM Report) और घटना की डायरी मिलते ही मामले में दर्ज गुमशुदगी को अपहरण, हत्या और साक्ष्य छुपाने (IPC/BNS की सुसंगत धाराओं) के तहत तब्दील कर मुख्य आरोपी विवेक चतुर्वेदी सहित फरार चल रहे अन्य सह-आरोपियों यशवंत चतुर्वेदी और शिवम सेन को भी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। इस बड़ी अंतर-राज्यीय मर्डर मिस्ट्री के सामने आने के बाद से निपनिया क्षेत्र के ग्रामीणों में भारी शोक और रोष व्याप्त है।









