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New Delhi : परमाणु समझौते से पहले इजरायल को रोकें: ईरान ने अमेरिका से की सीजफायर की अपील

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New Delhi : नई दिल्ली:ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका पर आरोप लगाया है कि वह इजरायल की क्षेत्रीय आक्रामकता का समर्थन कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अगर अमेरिका वास्तव में ईरान के साथ परमाणु वार्ता फिर से शुरू करना चाहता है, तो उसे सबसे पहले अपने सहयोगी इजरायल को रोके और उसे युद्ध विराम के लिए मजबूर करे।

New Delhi : पेजेशकियन के मुताबिक, इजरायल ने 13 जून की रात ईरान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाकर ‘ऑपरेशन राइजिंग लायन’ शुरू किया, जिसके जवाब में ईरान ने 24 घंटे के भीतर कड़ी प्रतिक्रिया दी। 14 और 15 जून को दोनों देशों के बीच लगातार हमले हुए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर नुकसान पहुंचाने का दावा किया है, हालांकि क्षति को ‘सीमित’ बताया गया।

New Delhi : ईरान ने कतर, सऊदी अरब और ओमान से भी अपील की है कि वे अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर दबाव बनाएं कि वह इजरायल को तत्काल युद्ध विराम के लिए राजी करें। रॉयटर्स के अनुसार, अगर अमेरिका सीजफायर सुनिश्चित करता है तो बदले में ईरान परमाणु वार्ता में लचीलापन दिखा सकता है।

New Delhi : राष्ट्रपति पेजेशकियन ने कहा कि ईरान ने कभी युद्ध की पहल नहीं की और न ही उच्च रैंकिंग सैन्य अधिकारियों या वैज्ञानिकों की हत्या में शामिल रहा है। उन्होंने इजरायल के आक्रामक रवैये की निंदा करते हुए कहा कि ईरानी जनता को अब एकजुट होकर इस आक्रमण का विरोध करना चाहिए।

New Delhi : पेजेशकियन ने चेतावनी दी कि यदि इजरायल ने आक्रामकता दोहराई, तो उसका उत्तर पहले से भी कठोर होगा। उन्होंने संसद में संबोधन से पहले ओमान के सुल्तान हैथम बिन तारीक अल सईद से बातचीत में कहा कि यदि अमेरिका इजरायल को काबू में नहीं करता, तो ईरान को मजबूरी में संघर्ष को अगले स्तर तक ले जाना पड़ेगा।

New Delhi : ईरानी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि अमेरिका को इजरायल के हमले की योजना की जानकारी पहले से थी, जिसे खुद डोनाल्ड ट्रंप ने स्वीकारा था। उन्होंने जोर देकर कहा कि यह समय संघर्ष का नहीं, बल्कि सामूहिक प्रतिरोध और एकजुटता का है।

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