top 5 mp news : भोपाल। मध्य प्रदेश सरकार आज से विभागों की हाई लेवल समीक्षा बैठकों की शुरुआत करने जा रही है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव खुद विभिन्न विभागों की कार्यप्रणाली, योजनाओं और नीतिगत फैसलों की समीक्षा करेंगे। यह बैठकें सामान्य समीक्षा बैठकों से अलग होंगी और इनमें जनता से जुड़े अहम मुद्दों के साथ दूरगामी योजनाओं पर फोकस किया जाएगा।
जानकारी के मुताबिक सरकार ने करीब 45 बड़े जनहित और नीतिगत मुद्दों को चिन्हित किया है, जिन पर विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। मुख्यमंत्री विभागवार बैठक कर अगले एक साल के लिए लक्ष्य तय करेंगे और समय सीमा के भीतर काम पूरा करने के निर्देश देंगे।
सरकार ने इसके लिए अलग से विस्तृत शेड्यूल भी तैयार किया है, जिसमें तय किया गया है कि किस विभाग के साथ किन मुद्दों पर चर्चा होगी। बैठकों में योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की स्थिति और नई नीतियों पर मंथन किया जाएगा।
सूत्रों के अनुसार सरकार का फोकस सिर्फ समीक्षा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि कई विभागों में नीतिगत बदलाव और प्रशासनिक सुधारों पर भी बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। माना जा रहा है कि आने वाले समय में इन बैठकों के आधार पर कई नई घोषणाएं और फैसले सामने आ सकते हैं।
top 5 mp news : देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी
देशभर में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर अब मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में भी दिखाई देने लगा है। तेल कंपनियों ने पेट्रोल और डीजल के दामों में करीब 3 रुपए प्रति लीटर की बढ़ोतरी कर दी है, जिसके बाद आम लोगों की जेब पर अतिरिक्त बोझ बढ़ गया है।
भोपाल में पहले पेट्रोल की कीमत 106.54 रुपए प्रति लीटर थी, जो अब 3.27 रुपए बढ़कर 109.81 रुपए प्रति लीटर पहुंच गई है। वहीं डीजल के दाम 91.91 रुपए से बढ़कर 95 रुपए प्रति लीटर हो गए हैं। इसके अलावा प्रीमियम यानी ‘स्पीड’ पेट्रोल की कीमत भी बढ़ गई है। पहले यह 116.29 रुपए प्रति लीटर मिल रहा था, जो अब बढ़कर 119.57 रुपए प्रति लीटर हो गया है।
तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के बाद शहर में कई पेट्रोल पंपों पर लोगों की भीड़ बढ़ गई है। वाहन चालक टैंक फुल करवाने के लिए लंबी कतारों में खड़े नजर आए। वहीं परिवहन, माल ढुलाई और रोजमर्रा की जरूरत की वस्तुओं के दाम बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और वैश्विक तनाव के कारण तेल कंपनियों पर लागत का दबाव बढ़ा है, जिसके चलते कीमतों में यह बढ़ोतरी की गई है।
top 5 mp news : बिजली खरीद और आपूर्ति से जुड़े बड़े फैसले सीधे कैबिनेट की मंजूरी
मध्य प्रदेश में अब बिजली खरीद और आपूर्ति से जुड़े बड़े फैसले सीधे कैबिनेट की मंजूरी से होंगे। राज्य सरकार ने पावर परचेज एग्रीमेंट (PPA) को लेकर बड़ा बदलाव करते हुए बिजली कंपनियों के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स से यह अधिकार वापस ले लिया है। अब किसी भी नए बिजली खरीद समझौते या संशोधन के लिए सरकार और कैबिनेट की अनुमति जरूरी होगी।
सरकार के इस फैसले के बाद अब बिजली खरीदी और सप्लाई से जुड़े समझौते बिना कैबिनेट मंजूरी के नहीं हो सकेंगे। ऊर्जा विभाग का मानना है कि इससे बिजली खरीद प्रक्रिया में पारदर्शिता बढ़ेगी और वित्तीय बोझ पर बेहतर नियंत्रण रखा जा सकेगा।
प्रदेश में फिलहाल 1,795 छोटे-बड़े और दीर्घकालीन पावर परचेज एग्रीमेंट लागू हैं, जिनके जरिए करीब 26,012 मेगावाट बिजली की आपूर्ति हो रही है। इन समझौतों के तहत सरकार को कई बार बिजली उपयोग न करने की स्थिति में भी तय राशि का भुगतान करना पड़ता है, जिससे बिजली कंपनियों पर आर्थिक दबाव बढ़ता है।
सरकार का कहना है कि अब हर बड़े बिजली सौदे की समीक्षा उच्च स्तर पर होगी, ताकि भविष्य में अनावश्यक वित्तीय भार से बचा जा सके। माना जा रहा है कि इस फैसले का असर प्रदेश की बिजली नीति और आने वाले ऊर्जा प्रोजेक्ट्स पर भी दिखाई देगा।
top 5 mp news : 143 वाहनों को नीलाम करने की तैयारी
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचत और संसाधनों के सीमित उपयोग की अपील के बाद भोपाल नगर निगम ने बड़ा कदम उठाया है। नगर निगम अब अपने अधिकारियों के लिए इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाने जा रहा है। शहर का निरीक्षण और फील्ड विजिट अब इलेक्ट्रिक गाड़ियों से किए जाएंगे।
नगर निगम ने पुराने और खटारा हो चुके 143 वाहनों को नीलाम करने की तैयारी भी शुरू कर दी है। इन वाहनों के रखरखाव और ईंधन पर लगातार बढ़ रहे खर्च को देखते हुए यह फैसला लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल से न सिर्फ ईंधन की बचत होगी, बल्कि प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी।
मध्य प्रदेश का नगरीय प्रशासन विभाग अब धीरे-धीरे पूरी तरह इलेक्ट्रिक मोड पर आने की दिशा में काम कर रहा है। विभाग का लक्ष्य सरकारी कामकाज में डीजल और पेट्रोल पर निर्भरता कम करना है। इसके तहत आने वाले समय में नगर निगम और अन्य नगरीय निकायों में भी इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या बढ़ाई जाएगी। नगर निगम अधिकारियों के मुताबिक, इलेक्ट्रिक वाहनों के उपयोग से संचालन लागत भी कम होगी और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
top 5 mp news : मध्य प्रदेश में आज से सांची दूध महंगा
मध्य प्रदेश में आज से सांची दूध महंगा हो गया है। मध्य प्रदेश राज्य सहकारी दुग्ध महासंघ ने सांची दूध के प्रमुख वेरिएंट्स की कीमतों में 2 रुपए प्रति लीटर तक की बढ़ोतरी कर दी है। नई दरें 15 मई से भोपाल समेत पूरे प्रदेश में लागू हो गई हैं।
महासंघ के अनुसार दूध उत्पादन और परिवहन लागत बढ़ने के कारण कीमतों में संशोधन किया गया है। बढ़ी हुई दरों का असर खास तौर पर बड़े पैकेट लेने वाले उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। हालांकि छोटे पैकेटों की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया गया है, ताकि निम्न आय वर्ग के लोगों पर अतिरिक्त बोझ न पड़े।
नई कीमतें लागू होने के बाद अब उपभोक्ताओं को सांची दूध खरीदने के लिए पहले से ज्यादा भुगतान करना होगा। दूध के दाम बढ़ने से चाय, मिठाई और डेयरी उत्पादों के कारोबार पर भी असर पड़ने की संभावना जताई जा रही है। वहीं आम लोगों की रसोई का बजट भी प्रभावित हो सकता है।
सांची प्रबंधन का कहना है कि किसानों को बेहतर भुगतान और दूध संग्रहण व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह फैसला लिया गया है।









