International Fraud Gang : ग्वालियर। ग्वालियर क्राइम ब्रांच ने एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए शहर के पॉश इलाके कैलाश विहार स्थित एक होटल से अंतर्राष्ट्रीय साइबर ठग गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पकड़े गए आरोपी नर्सिंग के छात्र हैं, जो पढ़ाई के साथ-साथ ठगी का एक बड़ा नेटवर्क संचालित कर रहे थे। पुलिस ने इनके पास से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और संदिग्ध दस्तावेज बरामद किए हैं।
म्यूल खातों का बड़ा नेटवर्क SSP धर्मवीर सिंह यादव ने बताया कि यह कार्रवाई मुखबिर की सटीक सूचना पर की गई। पकड़े गए आरोपी सीधे अपने बैंक खातों में ठगी की रकम ट्रांसफर नहीं करते थे। इसके बजाय, वे ‘म्यूल अकाउंट्स’ (सीधे-साधे और जरूरतमंद लोगों के बैंक खाते) का इस्तेमाल करते थे। आरोपियों में से एक मुरैना, एक धौलपुर और दो ग्वालियर के रहने वाले हैं। पुलिस को प्रारंभिक जांच में आरोपियों के मोबाइल से कई संदिग्ध कंट्री कोड और संदेश मिले हैं।
पाकिस्तान कनेक्शन का संदेह पुलिस की तकनीकी जांच में पाकिस्तान का कंट्री कोड (+92) भी संज्ञान में आया है। एसएसपी ने बताया कि आरोपियों के मोबाइल में मिले संदिग्ध मैसेज पाकिस्तान के नंबरों से जुड़े हो सकते हैं। फिलहाल पुलिस इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि क्या वाकई इनके तार सीमा पार से जुड़े हुए थे या फिर टेक्नोलॉजी (जैसे स्पूफिंग) के माध्यम से केवल पाकिस्तान का कोड दिखाया जा रहा था।
बरामदगी और जांच क्राइम ब्रांच ने मौके से कई लैपटॉप, एटीएम कार्ड, मोबाइल फोन और भारी संख्या में सिम कार्ड जब्त किए हैं। पकड़े गए युवकों से पूछताछ जारी है, जिससे ठगी के इस बड़े नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य मास्टरमाइंड्स के बारे में अहम जानकारियां जुटने की उम्मीद है। पुलिस अब इन खातों में हुए लेन-देन (ट्रांजैक्शन) की डिटेल खंगाल रही है।









