Indore Police Corruption : इंदौर। इंदौर पुलिस की साख पर एक बार फिर गहरा बट्टा लगा है। विजय नगर थाने के चार पुलिसकर्मियों द्वारा एक ड्रग तस्कर को आधिकारिक तौर पर गिरफ्तार करने के बजाय उसे शहर के एक आलीशान होटल में बंधक बनाकर 5 लाख रुपये की अवैध वसूली करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। चौंकाने वाली बात यह है कि आंतरिक जांच में चारों पुलिसकर्मियों को दोषी पाया गया है, लेकिन रिपोर्ट सौंपे जाने के महीनों बाद भी अब तक कोई ठोस विभागीय कार्रवाई नहीं हुई है।
होटल में बंधक बनाकर ‘डील’ का आरोप मामला नवंबर 2024 का है। आरोप है कि विजय नगर थाने की एक टीम, जिसमें एएसआई भूपेंद्र सिंह गुर्जर और हेड कॉन्स्टेबल मुकेश जादौन सहित चार पुलिसकर्मी शामिल थे, ड्रग तस्कर वसीम को पकड़ने आगर मालवा गई थी। रोजनामचा (सरकारी रिकॉर्ड) में टीम की रवानगी तो दर्ज थी, लेकिन तस्कर को पकड़ने के बाद पुलिसकर्मियों ने उसे थाने लाने के बजाय इंदौर के एक 5-स्टार होटल में दो दिनों तक रखा। इस दौरान तस्कर को छोड़ने के बदले 5 लाख रुपये वसूले गए और उसी के जरिए अन्य अपराधियों से भी उगाही करने का प्रयास किया गया।
जांच रिपोर्ट में पुष्टि, पर एक्शन का इंतजार एसीपी आदित्य पटले द्वारा की गई विस्तृत जांच में मोबाइल टॉवर लोकेशन और कॉल डिटेल्स (CDR) से यह साबित हो गया कि पुलिसकर्मी और तस्कर दो दिनों तक साथ थे। अक्टूबर 2025 में ही यह जांच रिपोर्ट आला अधिकारियों को सौंप दी गई थी, जिसमें चारों को दोषी माना गया। बावजूद इसके, अब तक केवल फाइलों में ही मामला घूम रहा है, जिससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं।
एडिशनल डीसीपी अमरिंदर सिंह के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच प्रतिवेदन के आधार पर वैधानिक और विभागीय प्रक्रिया विचाराधीन है। उन्होंने आश्वासन दिया है कि भ्रष्टाचार और अनुशासनहीनता के मामलों में कोई नरमी नहीं बरती जाएगी और जल्द ही उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।









