Crime Against Women MP : भोपाल। नेशनल क्राइम रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) द्वारा वर्ष 2024 के ताज़ा आंकड़े जारी कर दिए गए हैं, जो मध्य प्रदेश में कानून व्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, मध्य प्रदेश बुजुर्गों और अनुसूचित जनजाति (ST) वर्ग पर होने वाले अत्याचारों के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर है।
बुजुर्गों और आदिवासियों के लिए असुरक्षित राज्य आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में बुजुर्गों के खिलाफ अपराध के 5875 मामले दर्ज किए गए हैं, जबकि एसटी वर्ग के खिलाफ अत्याचार के 3165 केस सामने आए हैं। इन दोनों ही श्रेणियों में मध्य प्रदेश नंबर-1 पर बना हुआ है। वहीं, अनुसूचित जाति (SC) के विरुद्ध अपराधों में 7764 मामलों के साथ प्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
महिला और बच्चों के विरुद्ध अपराध महिलाओं के खिलाफ अपराधों के मामले में मध्य प्रदेश लगातार चौथे साल पांचवें स्थान पर बना हुआ है। साल भर में कुल 32,832 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से बलात्कार (Rape) के मामलों में प्रदेश चौथे नंबर पर है। बच्चों के खिलाफ होने वाले अपराधों में थोड़ी राहत देखी गई है; पिछले साल पहले नंबर पर रहने वाला मध्य प्रदेश इस साल तीसरे स्थान पर आ गया है। हालांकि, बच्चों के खिलाफ साइबर अपराध (58 मामले) जिसमें साइबर पोर्नोग्राफी और बुलिंग शामिल है, एक नई चिंता बनकर उभरा है।
साइबर क्राइम और सजा की दर प्रदेश में साइबर अपराध के कुल 1081 मामले दर्ज हुए हैं। वहीं, न्यायपालिका की स्थिति देखें तो कोर्ट में मामलों की सजा दर (Conviction Rate) 47.9% दर्ज की गई है, जो यह दर्शाती है कि आधे से अधिक मामलों में आरोपी सजा से बच रहे हैं।









