barwani-garbage-scam: बड़वानी नगर पालिका का स्वच्छता मॉडल अब सवालों के घेरे में है। स्वच्छ भारत मिशन के तहत शहर को कचरा मुक्त बनाने के बड़े-बड़े दावों के बीच डीआरपी लाइन स्थित ट्रेंचिंग ग्राउंड की हकीकत बेहद चिंताजनक तस्वीर पेश कर रही है। यहां लीगेसी वेस्ट यानी पुराने कचरे के निष्पादन के नाम पर करीब डेढ़ करोड़ रुपए की योजना अधर में लटक गई है। आरोप है कि ठेकेदार 30 लाख रुपए का भुगतान लेने के बाद काम अधूरा छोड़कर गायब हो गया, जबकि कचरे का पहाड़ आज भी जस का तस खड़ा है।
barwani-garbage-scam: कागजों में सफाई, जमीन पर कचरे का पहाड़
मीडिया पड़ताल में सामने आया कि वैज्ञानिक तरीके से कचरे के निस्तारण के बजाय पुराने कचरे को केवल गहरी खाई में धकेल दिया गया। ट्रेंचिंग ग्राउंड के पिछले हिस्से में आज भी सड़ता हुआ कचरा फैला हुआ है, जहां जहरीली बदबू और धुएं के बीच मवेशी घूमते नजर आते हैं।
barwani-garbage-scam: जहरीले धुएं से परेशान कॉलोनियों के लोग
कैलाश नगर, भगवान नगर, आकाश नगर और अमन नगर समेत आसपास की कई कॉलोनियों के रहवासी लंबे समय से दुर्गंध और धुएं की समस्या से जूझ रहे हैं। लोगों का कहना है कि कचरे के ढेर में बार-बार आग लगती है, जिससे जहरीला धुआं पूरे इलाके में फैल जाता है। गर्मी बढ़ने के साथ हालात और खराब हो गए हैं। स्थानीय निवासियों ने कई बार शिकायत की, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं निकला।

barwani-garbage-scam: लाखों की मशीनें बनी कबाड़
नगर पालिका ने कचरे के पृथक्करण और प्रोसेसिंग के लिए लाखों रुपए की मशीनें लगाई थीं, लेकिन ये मशीनें पिछले डेढ़ साल से बंद पड़ी हैं। रखरखाव के अभाव में मशीनों पर धूल जम चुकी है और टीनशेड भी क्षतिग्रस्त होने लगा है। प्लास्टिक प्रोसेसिंग और गीले कचरे से खाद बनाने की योजनाएं भी फाइलों तक सीमित रह गई हैं।
barwani-garbage-scam: नेता प्रतिपक्ष ने उठाए सवाल
नगर पालिका के नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव ने प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि वे पिछले डेढ़ साल से इस मुद्दे को उठा रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी कार्रवाई नहीं कर रहे। उन्होंने सवाल उठाया कि ठेकेदार के खिलाफ अब तक एफआईआर क्यों दर्ज नहीं हुई और मशीनों को जब्त क्यों नहीं किया गया।
barwani-garbage-scam: क्या कह रहा प्रशासन?
स्वच्छता प्रभारी बलदेव सिंह ठाकुर के अनुसार कचरा निष्पादन के लिए डेढ़ करोड़ रुपए का टेंडर जारी किया गया था। ठेकेदार ने कुछ समय काम किया और करीब 30 लाख रुपए लेने के बाद काम बंद कर दिया। पिछले एक साल से परियोजना पूरी तरह ठप पड़ी है।
वहीं नगर पालिका सीएमओ सोनाली शर्मा ने बताया कि पुराने ठेकेदार का अनुबंध निरस्त कर दिया गया है और नए टेंडर की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फाइल मंजूरी के लिए नगरीय प्रशासन विभाग को भेजी गई है।
barwani-garbage-scam: सवाल अब भी कायम
सबसे बड़ा सवाल यह है कि करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद शहर को कचरे और प्रदूषण से राहत क्यों नहीं मिली? आखिर जिम्मेदारों पर कार्रवाई कब होगी और बड़वानी के लोगों को जहरीले धुएं से छुटकारा कब मिलेगा?









