CGPSC भर्ती घोटाला : “युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं” — हाईकोर्ट ने उत्कर्ष चंद्राकर की अग्रिम जमानत खारिज की

0
91

CGPSC भर्ती घोटाला :  बिलासपुर, छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) भर्ती घोटाले में आरोपी उत्कर्ष चंद्राकर को हाईकोर्ट से बड़ा झटका लगा है। अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज करते हुए सख्त टिप्पणी की कि पेपर लीक जैसे कृत्य मेहनती युवाओं के भविष्य के साथ सीधा अन्याय हैं और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जा सकती।

CGPSC भर्ती घोटाला : यह फैसला जस्टिस बिभु दत्त गुरु की एकल पीठ ने सुनाया, जहां कोर्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए स्पष्ट किया कि इस तरह के अपराध समाज और व्यवस्था दोनों के लिए घातक हैं।

 CBI जांच में सामने आए बड़े खुलासे
CGPSC भर्ती घोटाला : CGPSC भर्ती में गड़बड़ी के इस मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) कर रही है। जांच में खुलासा हुआ है कि रायपुर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर अभ्यर्थियों से चयन के बदले 50 से 60 लाख रुपये तक की डील करता था।

READ MORE:cg-youth-congress-election: छत्तीसगढ़ युवा कांग्रेस में चुनावी संग्राम शुरू! नए चेहरों की एंट्री से बढ़ी हलचल…

CGPSC भर्ती घोटाला : जांच एजेंसी के अनुसार, परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। आरोप है कि 12 फरवरी 2022 को प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले ही 30-35 अभ्यर्थियों को प्रश्नपत्र और उत्तर उपलब्ध करा दिए गए थे।

मोबाइल से पेपर लीक, रिजॉर्ट में कराई गई तैयारी
CGPSC भर्ती घोटाला : मुख्य परीक्षा के दौरान भी धांधली जारी रही। आरोप है कि मोबाइल फोन के जरिए प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाए जाते थे। इस मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने न्यायिक बयान में बताया कि उसने आरोपी को 25 लाख रुपये दिए थे।

CGPSC भर्ती घोटाला : इतना ही नहीं, 8 मई 2022 को अभ्यर्थियों को बस के माध्यम से बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाकर कथित रूप से लीक प्रश्नपत्रों के आधार पर परीक्षा की तैयारी कराई गई।

 2020-2022 की भर्ती प्रक्रिया पर सवाल
CGPSC भर्ती घोटाला : यह पूरा मामला वर्ष 2020 से 2022 के बीच आयोजित भर्ती परीक्षाओं से जुड़ा है। आरोप है कि परीक्षा और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर प्रभावशाली लोगों के उम्मीदवारों को अनुचित लाभ दिलाया गया।

CGPSC भर्ती घोटाला : प्रदेश सरकार द्वारा मामला CBI को सौंपे जाने के बाद एजेंसी ने कई स्थानों पर छापेमारी कर अहम दस्तावेज और साक्ष्य बरामद किए हैं।

READ MORE: Raipur Collectorate Parking : रायपुर कलेक्ट्रेट पार्किंग में अवैध वसूली का खुलासा, बिना टेंडर निजी लोग चला रहे थे सिस्टम

भर्ती परीक्षा का विवरण
CGPSC भर्ती घोटाला :  CGPSC 2021 के तहत 171 पदों के लिए परीक्षा आयोजित की गई थी। 13 फरवरी 2022 को हुई प्रारंभिक परीक्षा में 2,565 अभ्यर्थी सफल हुए, जबकि 26 से 29 मई 2022 के बीच आयोजित मुख्य परीक्षा में 509 उम्मीदवार पास हुए। इसके बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की अंतिम चयन सूची जारी की गई।

 न्यायपालिका का सख्त संदेश
CGPSC भर्ती घोटाला : हाईकोर्ट के इस फैसले ने साफ संकेत दिया है कि युवाओं के भविष्य से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अदालत का यह रुख भर्ती प्रक्रियाओं में पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here