Bank of Maharashtra Loot : सिंगरौली (बैढ़न): सिंगरौली शहर के बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई दिनदहाड़े डकैती के मामले में पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। बिहार के नालंदा से पकड़े गए आरोपी चंदन यादव और गुलशन यादव को ट्रांजिट रिमांड पर सिंगरौली लाया गया है। इस खुलासे के साथ ही यह भी साफ हो गया है कि इस बड़ी वारदात का मास्टरमाइंड जेल में बैठा एक कुख्यात अपराधी है।
जेल के अंदर से हुआ ‘ऑपरेशन’ संचालित पुलिस जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, वे चौंकाने वाले हैं। डकैती की पूरी साजिश बिहार की बेऊर जेल (पटना) में बंद कुख्यात अपराधी सुबोध सिंह ने रची थी। सुबोध ने उड़ीसा की कुचिंडा जेल में बंद अपने सहयोगी पीयूष जायसवाल के माध्यम से इस वारदात को अंजाम दिलवाया। यह खुलासा साबित करता है कि अपराधियों का नेटवर्क जेल के भीतर से भी कितना सक्रिय है।
15 टीमों की मेहनत और तकनीकी सुराग वारदात के बाद पुलिस की 15 अलग-अलग टीमें बिहार, झारखंड और उड़ीसा में डेरा डाले हुए थीं। गिरफ्तार चंदन और गुलशन डकैतों को तकनीकी और लॉजिस्टिक सहायता (भागने का रास्ता, सिम कार्ड, बाइक छिपाने की जगह) मुहैया करा रहे थे। इन्हीं की मदद से गिरोह ने वारदात के बाद फरार होने का पूरा रोडमैप तैयार किया था।
कई राज्यों में फैले नेटवर्क का अंदेशा एडिशनल एसपी सर्वप्रिय सिन्हा के नेतृत्व में पुलिस टीम को कई अहम सुराग मिले हैं। पुलिस को शक है कि इस गिरोह का संबंध केवल सिंगरौली ही नहीं, बल्कि जबलपुर, नोएडा, कर्नाटक और उड़ीसा में हुई बैंक डकैतियों से भी हो सकता है। पुलिस अब ‘फंटूश’ नामक एक अन्य संदिग्ध और गिरोह के मुख्य शूटरों की तलाश में जुटी है।









