CG NEWS : गौरी शंकर गुप्ता /रायगढ़। जिले के घरघोड़ा क्षेत्र में शराब दुकानों पर इन दिनों कुछ ऐसा नजारा दिख रहा है जो सीधे तौर पर भ्रष्टाचार की बू दे रहा है। 1 अप्रैल से नई आबकारी नीति क्या लागू हुई, शराब सिंडिकेट ने लूट का नया तरीका ईजाद कर लिया है। बोतल पर प्रिंटेड एमआरपी (MRP) की जगह अब सफेद स्टिकर चिपकाए जा रहे हैं।
CG NEWS : तस्वीर चीख-चीख कर कह रही हकीकत : सोशल मीडिया पर वायरल हो रही घरघोड़ा क्षेत्र की इस तस्वीर ने खलबली मचा दी है। बडवाइजर बीयर की बोतल पर 240 रुपये का स्टिकर हाथ से चिपकाया गया हैजबकि बोतल पर 230 अंकित है।
* सवाल नंबर 1 : क्या आबकारी विभाग ने बोतलों पर स्टिकर चिपकाकर बेचने का नया टेंडर जारी किया है?
* सवाल नंबर 2 : प्रिंट रेट और स्टिकर रेट के बीच का ‘मार्जिन’ किसकी जेब में जा रहा है?
* सवाल नंबर 3 : घरघोड़ा की दुकानों पर सेल्समैन आखिर किसके संरक्षण में इस अवैध वसूली को अंजाम दे रहे हैं?
* सवाल नंबर 4 : क्या बियर बनाने वाली कंपनी कर रही धंधोंलेबाज़ी?
CG NEWS : पुराने घोटाले की यादें ताज़ा : रायगढ़ जिला पहले ही शराब के मामलों में संवेदनशील रहा है। अब घरघोड़ा में इस तरह की ‘स्टिकर बाजी’ ने लोगों को पुराने शराब घोटाले की याद दिला दी है। ग्राहकों का आरोप है कि काउंटर पर पहुंचने ही सेल्समैन नई नीति का हवाला देते हैं और प्रिंट रेट से कहीं ज्यादा की वसूली कर रहे हैं।
CG NEWS : ”घरघोड़ा में यह केवल एक बोतल की कहानी नहीं है, बल्कि हर उस उपभोक्ता की कहानी है जिसे ‘सिस्टम’ के नाम पर ठगा जा रहा है।”
प्रशासन मौन क्यों? – हैरानी की बात यह है कि घरघोड़ा के मुख्य मार्गों और रिहायशी इलाकों के पास स्थित दुकानों में यह खेल खुलेआम चल रहा है, लेकिन आबकारी विभाग के उड़नदस्ते और जिम्मेदार अधिकारी मौन साधे हुए हैं। क्या इस खेल के तार ऊपर तक जुड़े हैं? जनता की मांग : रायगढ़ कलेक्टर और आबकारी उपायुक्त इस मामले की तुरंत जांच करें। आखिर प्रिंटेड रेट को ढंककर स्टिकर लगाने की नौबत क्यों आई?











