निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : उत्तराखंड की पावन धरती पर एक बार फिर आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला है। अक्षय तृतीया के शुभ अवसर पर गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट खुलने के बाद आज विधिवत रूप से केदारनाथ धाम के कपाट भी श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए।
51 क्विंटल फूलों से दिव्य श्रृंगार
बाबा केदार के स्वागत में मंदिर को भव्य रूप से सजाया गया। ऋषिकेश सहित विभिन्न स्थानों से लाए गए 51 क्विंटल ताजे गेंदे के फूलों से मंदिर परिसर को सजाया गया, जिससे पूरा धाम दिव्यता और भव्यता से जगमगा उठा।
सज गया है बाबा केदार का धाम…हर हर महादेव..! pic.twitter.com/Na99RbAhJd
— Pushkar Singh Dhami (@pushkardhami) April 21, 2026
जयकारों से गूंजा केदारधाम
जैसे ही मंदिर के मुख्य द्वार खुले, पूरा केदारघाटी क्षेत्र “बम-बम भोले” और “जय केदार” के जयघोष से गूंज उठा। देश-विदेश से आए हजारों श्रद्धालु इस ऐतिहासिक क्षण के साक्षी बने।
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11वां ज्योतिर्लिंग और आध्यात्मिक महत्व
केदारनाथ धाम को भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में 11वां स्थान प्राप्त है। मान्यता है कि शीतकाल में यहां देवता स्वयं पूजा करते हैं, जबकि ग्रीष्मकाल में श्रद्धालु भगवान शिव की आराधना करते हैं।
पौराणिक मान्यता
पौराणिक कथाओं के अनुसार, महाभारत युद्ध के बाद पांडवों ने भगवान शिव की खोज में हिमालय की यात्रा की थी। इसी दौरान केदारनाथ धाम का उद्गम माना जाता है, जहां भगवान शिव ने बैल का रूप धारण किया था।
चारधाम यात्रा का पूर्ण स्वरूप
गंगोत्री, यमुनोत्री और केदारनाथ के कपाट खुलने के बाद अब 23 अप्रैल को बद्रीनाथ धाम के कपाट खोले जाएंगे। इसके साथ ही चारधाम यात्रा अपने पूर्ण स्वरूप में आ जाएगी और लाखों श्रद्धालु देवभूमि की ओर रुख करेंगे।











