निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश सरकार ने अस्पतालों और मरीजों को बड़ी राहत देते हुए अहम निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने NABH (नेशनल एक्रिडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स) सर्टिफिकेट के बिना भी 6 महीने तक इलाज की अनुमति देने को मंजूरी दी है।
आयुष्मान योजना से जुड़े अस्पतालों को फायदा
यह फैसला खास तौर पर आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों के लिए राहत लेकर आया है। हाल ही में NABH सर्टिफिकेट नहीं होने के कारण कई अस्पताल योजना से बाहर हो गए थे, जिससे मरीजों को परेशानी हो रही थी।
Read more : छत्तीसगढ़ में निजी स्कूलों का असहयोग आंदोलन तेज, आज पूरे प्रदेश में स्कूल बंद
80 अस्पतालों की फिर हुई वापसी
सरकार के इस निर्णय के बाद प्रदेश के करीब 80 अस्पतालों को दोबारा योजना में शामिल कर लिया गया है। इससे हजारों मरीजों को फिर से सस्ती और मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सकेगी।
हाईकोर्ट की सख्ती के बाद निर्णय
इस मामले में हाईकोर्ट की सख्ती के बाद राज्य सरकार ने ‘ग्रेस पीरियड’ देने का फैसला किया है। यह अवधि 6 महीने की होगी, जिसमें अस्पतालों को NABH सर्टिफिकेट प्राप्त करने का समय मिलेगा।
बड़े शहरों को भी राहत
भोपाल सहित प्रदेश के चार बड़े शहरों के प्राइवेट अस्पतालों को इस फैसले से खास राहत मिली है। अब ये अस्पताल बिना किसी रुकावट के मरीजों का इलाज जारी रख सकेंगे।











