निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : भोपाल की सुनीता सिंह ने अपने जज्बे और दृढ़ निश्चय से इतिहास रच दिया है। भारतीय स्टेट बैंक में सहायक महाप्रबंधक के पद पर कार्यरत सुनीता ने अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी माउंट किलिमंजारो पर सफलतापूर्वक तिरंगा फहराया।
सबसे उम्रदराज भारतीय महिला पर्वतारोही
56 वर्ष 5 माह की आयु में 15 अप्रैल 2026 को 5895 मीटर ऊंची इस चोटी को फतह कर उन्होंने एक नया रिकॉर्ड बनाया। इस उपलब्धि के साथ वे माउंट किलिमंजारो पर चढ़ाई करने वाली सबसे उम्रदराज भारतीय महिला बन गई हैं।
शिखर पर लहराया तिरंगा
शिखर पर पहुंचकर सुनीता सिंह ने भारत का तिरंगा और स्टेट बैंक का झंडा फहराया। उन्होंने इस उपलब्धि को देश और संस्थान के लिए गर्व का क्षण बताया।
चुनौतियों के बीच हासिल की सफलता
सुनीता ने बताया कि व्यस्त बैंकिंग करियर के साथ पर्वतारोहण की तैयारी करना आसान नहीं था। उम्र, मौसम और जिम्मेदारियों के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और अपने लक्ष्य को हासिल किया।
अनुभव और अनुशासन बना ताकत
उन्होंने कहा कि बैंकिंग सेवा से मिले अनुशासन और निरंतरता ने उन्हें कठिन परिस्थितियों में भी मजबूत बनाए रखा। प्रशिक्षण और नौकरी के बीच संतुलन बनाना सबसे बड़ी चुनौती थी।
पहले भी कर चुकी हैं बड़ा कारनामा
यह सुनीता सिंह की पहली उपलब्धि नहीं है। इससे पहले उन्होंने 24 अगस्त 2025 को यूरोप की सबसे ऊंची चोटी माउंट एल्ब्रुस (18,510 फीट) पर भी तिरंगा फहराया था।
शिक्षा और पृष्ठभूमि
सुनीता सिंह मूल रूप से जबलपुर की रहने वाली हैं और उन्होंने अपनी शिक्षा रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय से प्राप्त की है।
प्रेरणा बनीं सुनीता सिंह
उनकी इस उपलब्धि ने यह साबित कर दिया कि उम्र और जिम्मेदारियां कभी भी सपनों के रास्ते में बाधा नहीं बनतीं। वे आज हजारों महिलाओं और कामकाजी पेशेवरों के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं।
सुनीता सिंह की सफलता केवल एक व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि यह संदेश है कि अगर संकल्प मजबूत हो तो कोई भी लक्ष्य असंभव नहीं। उनकी यह जीत आने वाली पीढ़ियों को बड़े सपने देखने और उन्हें पूरा करने की प्रेरणा देती है।











