निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में बोरवेल में गिरने से मासूम की मौत के बाद अब रतलाम जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। इस तरह की दर्दनाक घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन ने व्यापक स्तर पर सुरक्षा अभियान शुरू करने का निर्णय लिया है।
बोरवेल की पहचान और सीलिंग की तैयारी
कलेक्टर मिशा सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (PHE) विभाग के साथ मिलकर एक विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जा रही है। इसके तहत पहले चरण में जिलेभर में खुले और बंद पड़े बोरवेलों की पहचान की जाएगी।इन बोरवेलों का उपयोग जल संरक्षण के लिए वॉटर रिचार्जिंग में किया जाएगा या फिर उन्हें पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्थायी रूप से बंद (सील) कर दिया जाएगा।
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बिना मुंडेर वाले कुए सबसे खतरनाक
प्रशासन ने यह भी माना है कि बिना मुंडेर वाले खुले कुए सबसे ज्यादा खतरनाक साबित हो रहे हैं। ऐसे कुओं को प्राथमिकता के आधार पर सुरक्षित किया जाएगा। इसके लिए गांव-गांव में ग्राम चौपाल आयोजित कर लोगों को जागरूक किया जाएगा और मुंडेर की सही ऊंचाई व आवश्यकता के बारे में जानकारी दी जाएगी।
रात में दिखेंगे कुएं, रेडियम पेंट का इस्तेमाल
सुरक्षा बढ़ाने के लिए एक नया कदम उठाते हुए प्रशासन ने सभी कुओं के किनारों पर रेडियम पेंट लगाने का फैसला किया है। ग्रामीण क्षेत्रों में रात या कोहरे के दौरान कुएं दिखाई नहीं देते, जिससे हादसे होते हैं। रेडियम पेंट के जरिए इन्हें दूर से ही पहचाना जा सकेगा।
हादसों पर रोक लगाने की कोशिश
इस पहल का मुख्य उद्देश्य भविष्य में होने वाले हादसों को रोकना और लोगों की जान बचाना है। प्रशासन का मानना है कि समय रहते यदि ऐसे खतरनाक स्थलों की पहचान कर उन्हें सुरक्षित कर दिया जाए, तो कई बड़ी दुर्घटनाओं को टाला जा सकता है।











