निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : ईरान इस समय गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है, जहां महंगाई ने आम नागरिकों की जिंदगी को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। स्थिति इतनी बिगड़ चुकी है कि बुनियादी खाद्य वस्तुएं भी लाखों रियाल में बिक रही हैं। एक अंडे की कीमत सवा लाख रियाल तक पहुंच चुकी है, जबकि एक लीटर दूध के लिए नागरिकों को 8 लाख रियाल से अधिक खर्च करने पड़ रहे हैं।
रियाल की भारी गिरावट और डॉलर का बढ़ता मूल्य
अप्रैल 2026 की स्थिति के अनुसार, ईरान में एक अमेरिकी डॉलर की कीमत करीब 16,50,000 रियाल तक पहुंच गई है। मुद्रा की इस ऐतिहासिक गिरावट ने अर्थव्यवस्था को झकझोर कर रख दिया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ईरानी रियाल की क्रय शक्ति लगभग खत्म होती नजर आ रही है।
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बाजारों में बेकाबू दाम, जीवन हुआ मुश्किल
चावल की कीमत 32 लाख रियाल प्रति किलो और मांस का भाव 1 करोड़ रियाल तक पहुंच गया है। महंगाई के कारण आम लोगों के लिए दो वक्त की रोटी जुटाना भी कठिन हो गया है। कई इलाकों में बुनियादी वस्तुओं के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
प्रतिबंधों और तनाव का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों और राजनीतिक तनाव ने ईरान की अर्थव्यवस्था को और कमजोर किया है। तेल व्यापार और वित्तीय लेन-देन पर लगी पाबंदियों का सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है।
डिजिटल सिस्टम और सरकार की कोशिशें
सरकार ने महंगाई पर नियंत्रण के लिए राशनिंग और सब्सिडी योजनाएं शुरू की हैं, साथ ही इलेक्ट्रॉनिक कूपन सिस्टम लागू किया गया है। हालांकि, बढ़ती कीमतों के सामने ये कदम नाकाफी साबित हो रहे हैं।
भविष्य को लेकर चिंता
विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि अगर हालात नहीं सुधरे तो ईरान को और गंभीर मानवीय और आर्थिक संकट का सामना करना पड़ सकता है।











