निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : मध्यप्रदेश के बुरहानपुर में श्रीकृष्ण जन्मभूमि से अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर जनजागृति यात्रा निकाली गई। इस यात्रा के जरिए मथुरा स्थित श्रीकृष्ण जन्मभूमि और शाही ईदगाह मस्जिद से जुड़े विवाद को लेकर लोगों को जागरूक किया जा रहा है।
फिर चर्चा में मथुरा विवाद
मथुरा को भगवान श्रीकृष्ण की जन्मस्थली माना जाता है। यहां करीब 13.37 एकड़ भूमि में से लगभग ढाई एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। इस मुद्दे को लेकर समय-समय पर देशभर में चर्चा होती रही है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
ऐतिहासिक स्रोतों के अनुसार, इस स्थल पर प्राचीन समय में भव्य मंदिर मौजूद थे, जिन्हें अलग-अलग कालखंड में नुकसान पहुंचा। कुछ विवरणों में महमूद गजनवी के हमलों का जिक्र मिलता है, जबकि मुगल काल में भी मंदिरों से जुड़ी घटनाएं सामने आईं।
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ब्रिटिश काल से लेकर आज तक इस भूमि को लेकर कई कानूनी विवाद सामने आते रहे हैं। वर्ष 1951 में श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट का गठन हुआ और मंदिर का पुनर्निर्माण किया गया। बाद में 1968 में ट्रस्ट और ईदगाह कमेटी के बीच समझौता भी हुआ।
अदालत में लंबित मामला
वर्तमान में यह पूरा मामला अदालत में लंबित है, जहां सभी पक्ष अपनी-अपनी दलीलें पेश कर रहे हैं। आने वाले समय में कोर्ट के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।
संत समाज की चेतावनी
इस बीच आचार्य राजेश्वर जी ने मीडिया से बातचीत में सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि संत समाज की भावनाओं के प्रति पर्याप्त संवेदनशीलता नहीं दिखाई जा रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय पर न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन और कर सेवा जैसे कदम उठाए जा सकते हैं।
जनजागरण से बढ़ी हलचल
जनजागृति यात्रा के माध्यम से इस मुद्दे को लेकर लोगों में जागरूकता बढ़ाने का प्रयास किया जा रहा है। इससे एक बार फिर यह मामला चर्चा के केंद्र में आ गया है।











