Singrauli News: विंध्य क्षेत्र की लाइफलाइन माने जाने वाले सीधी–सिंगरौली नेशनल हाईवे (NH-39) का फोरलेन निर्माण पिछले डेढ़ दशक से अधूरा पड़ा है। करीब 105 किलोमीटर लंबे इस महत्वपूर्ण मार्ग का काम समय पर पूरा न होने से क्षेत्रीय विकास की रफ्तार प्रभावित हुई है और सरकार के विकास दावों पर भी सवाल उठने लगे हैं।
Singrauli News: इस सड़क को फोरलेन बनाने का निर्णय वर्ष 2012 में लिया गया था। उद्देश्य सीधी और सिंगरौली के बीच सुरक्षित एवं तेज आवागमन सुनिश्चित करना, औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा देना और क्षेत्रीय कनेक्टिविटी को मजबूत करना था। लेकिन भूमि अधिग्रहण में देरी, प्रशासनिक सुस्ती और बार-बार ठेकेदार बदलने के कारण परियोजना लगातार अटकती रही। परिणामस्वरूप वर्षों बाद भी सड़क अधूरी पड़ी है।
Singrauli News: वर्तमान में हाईवे की हालत बेहद खराब हो चुकी है। कई स्थानों पर गहरे गड्ढे हैं, जबकि कुछ हिस्सों में निर्माण कार्य पूरी तरह बंद पड़ा है। सिंगरौली औद्योगिक क्षेत्र होने के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन हजारों भारी वाहन गुजरते हैं। भारी ट्रकों के दबाव और खराब सड़क के कारण धूल का गुबार उड़ता रहता है, जिससे स्थानीय लोगों को परेशानी होती है और दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया है। बारिश के मौसम में स्थिति और गंभीर हो जाती है, जब गड्ढों में पानी भरने से सड़क और भी जानलेवा बन जाती है।
Singrauli News: इस बीच मामले में नई प्रगति सामने आई है। सीधी-सिंगरौली सांसद डॉ. राजेश मिश्रा ने जानकारी दी है कि अब इस परियोजना की जिम्मेदारी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सौंप दी गई है। उनके अनुसार अप्रैल माह से निर्माण कार्य दोबारा शुरू किया जाएगा और अगले दो वर्षों के भीतर फोरलेन मार्ग तैयार करने का लक्ष्य रखा गया है।
Singrauli News: सांसद ने कहा कि सड़क निर्माण पूरा होने से सीधी और सिंगरौली के बीच आवागमन सुगम होगा। इससे औद्योगिक गतिविधियों को गति मिलेगी, व्यापार बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे।
Singrauli News: हालांकि 15 वर्षों से अधूरी पड़ी इस परियोजना को लेकर क्षेत्र की जनता सतर्क नजर आ रही है। लोगों का कहना है कि कई बार काम शुरू होने के दावे किए गए, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हो सका। ऐसे में अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या इस बार निर्धारित समय में हाईवे का निर्माण पूरा हो पाएगा और क्षेत्र को बहुप्रतीक्षित सुविधा मिल सकेगी।











