निशानेबाज न्यूज़ डेस्क : आज के दौर में जहां शादियों में दिखावा और खर्च बढ़ता जा रहा है, वहीं मध्य प्रदेश के बालाघाट जिले से एक ऐसी शादी सामने आई है, जिसने सादगी और परंपरा की मिसाल पेश की है। यह अनोखी बारात इन दिनों चर्चा का विषय बनी हुई है।
बैलगाड़ियों में निकली बारात
कटंगी तहसील के सेलवा गांव से दूल्हा अंकित देशमुख की बारात करीब 10 किलोमीटर दूर सीताखोह गांव तक पहुंची। इस बारात की खासियत यह रही कि इसमें न तो लग्जरी गाड़ियों का इस्तेमाल हुआ और न ही तेज आवाज वाले DJ की धुन सुनाई दी। पूरी बारात बैलगाड़ियों के जरिए पारंपरिक अंदाज में निकाली गई।
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बांसुरी और डपली की मधुर धुन
जहां आमतौर पर शादियों में DJ और तेज संगीत का शोर होता है, वहीं इस बारात में बांसुरी और डपली जैसे पारंपरिक वाद्य यंत्रों की मधुर धुन सुनाई दी। इन धुनों पर बाराती झूमते नजर आए, जिससे माहौल पूरी तरह सांस्कृतिक रंग में रंग गया।
गांव वालों की उमड़ी भीड़
शाम के समय जब यह बारात गांव से निकली, तो इसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर जमा हो गए। लोगों ने इस अनोखी और सादगी भरी बारात का जमकर आनंद लिया।
बुजुर्गों को याद आया पुराना दौर
गांव के बुजुर्गों ने बताया कि करीब 40 साल पहले उनकी बारात भी इसी तरह निकली थी। इस दृश्य ने उन्हें अपने पुराने दिनों की याद दिला दी। उनका कहना है कि ऐसी शादियां रिश्तों में अपनापन बढ़ाती हैं और अनावश्यक खर्च से बचाती हैं।
सादगी बनी मिसाल
इस शादी ने यह संदेश दिया है कि भव्यता केवल खर्च में नहीं, बल्कि परंपरा और सादगी में भी हो सकती है। कुल मिलाकर, बालाघाट की यह बारात आधुनिकता के बीच पारंपरिक संस्कृति की खूबसूरत झलक पेश कर रही है और लोगों के दिलों को छू रही है।











