Terahvi 97 lakh scam : रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजनीति में तेरहवीं का मामला तेज़ी से चर्चा में है। कांग्रेस ने उपमुख्यमंत्री अरुण साव पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने अपने भांजे तुषार साहू की तेरहवीं के आयोजन में लोक निर्माण विभाग (PWD) के कोष से 97 लाख रुपए खर्च करवाए। कांग्रेस ने इस संबंध में दो बिलों की तस्वीरें साझा कर आरोपों को पुष्ट किया और सवाल उठाया कि क्या जनता का पैसा नेताओं के निजी आयोजनों में खर्च किया जा रहा है।
कांग्रेस ने ट्वीट में लिखा, “अरुण साव जी, क्या आप जनता के पैसे को अपनी निजी संपत्ति समझते हैं? क्या यह उचित है कि सरकारी खजाने से पारिवारिक कार्यक्रम पर खर्च किया जाए?” पार्टी ने प्रदेश की सड़कों की खराब स्थिति और शिक्षा, स्वास्थ्य व्यवस्थाओं की पोल भी खोलते हुए आरोप लगाया कि सरकार जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही है।
पीसीसी अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि वर्ष 2024 में बेमेतरा जिले में तुषार साहू की तेरहवीं पर 97 लाख रुपए का भुगतान सरकारी खाते से किया गया, जिसमें टेंट, भोजन और कैटरिंग का खर्च शामिल था। बैज ने सवाल उठाया कि क्या अब इस तरह के निजी कार्यक्रम भी जनहित के रूप में दिखाए जा रहे हैं।
Terahvi 97 lakh scam :PWD ने जानकारी को बताया भ्रामक
Terahvi 97 lakh scam :इस विवाद के बढ़ते ही PWD विभाग ने आधिकारिक स्पष्टीकरण जारी किया। बेमेतरा जिले के कार्यपालन अभियंता डी.के. चंदेल ने पत्र में कहा कि सोशल मीडिया पर प्रसारित जानकारी पूरी तरह से भ्रामक और तथ्यहीन है। पत्र में लिखा गया है कि लोक निर्माण विभाग द्वारा उपमुख्यमंत्री अरुण साव के पारिवारिक कार्यक्रम का कोई भुगतान नहीं किया गया और इस तरह की झूठी जानकारी फैलाने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
Terahvi 97 lakh scam :आप ने उठाए सवाल
Terahvi 97 lakh scam : इस मामले में आम आदमी पार्टी ने भी प्रेस वार्ता कर सरकार को घेरा। प्रदेश महासचिव वद्द आलम, मुख्य प्रवक्ता सूरज उपाध्याय और संगठन महासचिव उत्तम जायसवाल ने उपमुख्यमंत्री से तीन दिनों के भीतर स्पष्टीकरण देने की मांग की। आप नेताओं ने कहा कि यदि जवाब नहीं दिया गया, तो आरोप सही माने जाएंगे और पार्टी इस भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन करेगी।
Terahvi 97 lakh scam :आप नेताओं ने भाजपा सरकार पर तीखा प्रहार करते हुए कहा कि सरकार केवल कार्यक्रमों में व्यस्त है, जबकि प्रदेश की शिक्षा, स्वास्थ्य, कानून व्यवस्था और सड़कों की स्थिति गंभीर है। उनके अनुसार, पिछले दो वर्षों में भाजपा सरकार हर मोर्चे पर असफल रही, फिर भी निजी कार्यक्रमों पर सरकारी धन खर्च किया जा रहा है, जो जनता के साथ विश्वासघात है।











