नई दिल्ली। ऑनलाइन फूड डिलीवरी प्लेटफॉर्म जोमैटो की मूल कंपनी Eternal में बड़ा नेतृत्व परिवर्तन सामने आया है। कंपनी के फाउंडर और अब तक ग्रुप CEO रहे दीपिंदर गोयल ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। शेयरहोल्डर्स की मंजूरी के बाद यह फैसला तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। कंपनी ने इसकी जानकारी स्टॉक एक्सचेंज को दी गई फाइलिंग के जरिए दी है।
Eternal ने बताया कि दीपिंदर गोयल अब कंपनी के वाइस चेयरमैन के तौर पर बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स में बने रहेंगे, जबकि अल्बिंदर ढींडसा को Eternal का नया ग्रुप CEO नियुक्त किया गया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब कंपनी ने वित्त वर्ष 2024-25 की तीसरी तिमाही (Q3) के नतीजे भी जारी किए हैं।
Read More : प्रयागराज में एयरफोर्स का ट्रेनी विमान तालाब में क्रैश, पायलट समेत 3 का रेस्क्यू
दीपिंदर गोयल ने क्यों छोड़ा ग्रुप CEO पद?
शेयरहोल्डर्स को लिखे अपने पत्र में दीपिंदर गोयल ने कहा कि उनका यह फैसला नई चीज़ों को आज़माने और ज्यादा जोखिम वाले प्रयोग करने की इच्छा से प्रेरित है। उन्होंने माना कि ऐसी पहलें एक पब्लिक कंपनी के ढांचे के भीतर रहकर करना चुनौतीपूर्ण होता है।
गोयल के अनुसार, Eternal को अब ऐसे लीडर की जरूरत है जो कोर बिज़नेस पर अनुशासित फोकस बनाए रखे और ऑपरेशनल एक्सीलेंस को प्राथमिकता दे। उन्होंने साफ किया कि वे कंपनी से अलग नहीं हो रहे, बल्कि रणनीतिक मार्गदर्शन देने की भूमिका में रहेंगे।
कौन हैं नए ग्रुप CEO अल्बिंदर ढींडसा?
अल्बिंदर ढींडसा, जिन्हें कंपनी में “एल्बी” के नाम से जाना जाता है, अब Eternal के रोजमर्रा के संचालन और बिज़नेस फैसलों की कमान संभालेंगे। ब्लिंकिट के अधिग्रहण से लेकर उसे ब्रेक-ईवन तक पहुंचाने में उनकी लीडरशिप को खासा सराहा गया है।कंपनी ने साफ किया है कि ढींडसा की अगुवाई में Blinkit कंपनी की टॉप प्रायोरिटी बना रहेगा और ग्रोथ के साथ-साथ प्रॉफिटेबिलिटी पर भी जोर दिया जाएगा।
निवेशकों की नजर आगे की रणनीति पर
जोमैटो और Eternal के इस लीडरशिप बदलाव को निवेशक भविष्य की रणनीति से जोड़कर देख रहे हैं। माना जा रहा है कि यह कदम कंपनी को ज्यादा फोकस्ड, स्थिर और दीर्घकालिक विकास की दिशा में ले जाने के लिए उठाया गया है।











