West Bengal Election 2026 : कोलकाता/गुवाहाटी: असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने शनिवार को पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के परिप्रेक्ष्य में एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि बंगाल का चुनाव केवल एक राज्य का नहीं, बल्कि पूरे देश का विषय है। कोलकाता में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए श्री सरमा ने कहा कि बांग्लादेशी घुसपैठिए न केवल बंगाल की जनसांख्यिकी (Demography) बदल रहे हैं, बल्कि वे पड़ोसी राज्यों में भी फैल रहे हैं, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए चिंता का विषय है।
सीटों की भविष्यवाणी: मुख्यमंत्री सरमा ने आत्मविश्वास के साथ दावा किया कि असम की 126 सीटों में से भाजपा 100 से अधिक सीटें जीतेगी। वहीं, पश्चिम बंगाल के पहले चरण में हुए 152 सीटों के मतदान को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा इनमें से 110 सीटें हासिल करेगी। उन्होंने यहाँ तक कहा कि यदि भाजपा बंगाल में 200 से अधिक सीटें जीत जाए, तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होना चाहिए। उनके अनुसार, पहले चरण में हुआ लगभग 93 प्रतिशत मतदान इस बात का प्रमाण है कि अब राज्य में डर का माहौल खत्म हो चुका है।
चुनाव आयोग का फैसला: इस बीच, निर्वाचन आयोग (ECI) ने स्पष्ट किया है कि 23 अप्रैल को पश्चिम बंगाल की 152 और तमिलनाडु की सभी 234 सीटों पर हुए मतदान के बाद कहीं भी पुनर्मतदान (Repoll) की आवश्यकता नहीं है। आयोग के अनुसार, मतदान प्रक्रिया काफी हद तक शांतिपूर्ण रही। बंगाल की शेष 142 सीटों पर अब 29 अप्रैल को दूसरे चरण का मतदान होगा, जिस पर पूरे देश की नजरें टिकी हुई हैं।
विपक्ष पर साधा निशाना: हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि पहले चरण के भारी मतदान ने संकेत दे दिया है कि जनता परिवर्तन के पक्ष में है। उन्होंने घुसपैठ के मुद्दे को केंद्र में रखते हुए कहा कि हर भारतीय का इस चुनाव में हित जुड़ा है क्योंकि बंगाल की सीमाएं सुरक्षित रहना देश की अखंडता के लिए जरूरी है। भाजपा की इस ‘चुनावी सुनामी’ के दावे ने बंगाल की राजनीति में हलचल तेज कर दी है।











