नई दिल्ली : निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR) को लेकर अहम निर्णय लिया है। आयोग ने पहले निर्धारित पात्रता तिथि 1 जनवरी से बढ़ाकर अब 19 जनवरी 2026 कर दी है। यह फैसला फिलहाल पश्चिम बंगाल, गोवा, लक्षद्वीप, राजस्थान और पुडुचेरी में चल रही SIR प्रक्रिया पर लागू होगा।
दावा और आपत्ति दर्ज करने को मिला अतिरिक्त समय
आयोग द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, यह विस्तार केवल दावे और आपत्तियां दर्ज कराने की अवधि के लिए किया गया है। इसका अर्थ है कि मतदाता अब अपने विवरण की जांच, नाम जोड़ने के लिए फॉर्म-6 भरने या किसी त्रुटि पर आपत्ति दर्ज कराने के लिए 19 जनवरी तक आवेदन कर सकते हैं।
अधिकारियों की मांग पर लिया गया निर्णय
निर्वाचन आयोग ने यह निर्णय अधिकारियों की मांगों और इस उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए लिया है कि कोई भी योग्य नागरिक मतदाता सूची से वंचित न रहे। नोटिफिकेशन में आयोग के 27 दिसंबर 2025 के पूर्व पत्र का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें SIR कार्यक्रम और पात्रता तिथि तय की गई थी।
Election Commission of India extends the schedule for the ongoing Special Intensive Revision (SIR) of electoral rolls in Goa, Lakshadweep, Rajasthan, Puducherry and West Bengal up to 19th January 2026. pic.twitter.com/nc53Y21W7U
— ANI (@ANI) January 15, 2026
व्यापक प्रचार के निर्देश
मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि इस संशोधित कार्यक्रम की जानकारी मीडिया, बूथ लेवल ऑफिसर्स (BLO), ऑनलाइन पोर्टल और मोबाइल ऐप के माध्यम से व्यापक रूप से प्रचारित की जाए। आयोग ने सख्त निर्देश दिए हैं कि संशोधित समयसीमा का पूर्ण पालन सुनिश्चित किया जाए।
पारदर्शिता और शुद्धता पर जोर
SIR का उद्देश्य हर योग्य मतदाता को सूची में शामिल करना और मृत्यु, स्थानांतरण, डुप्लिकेट या त्रुटिपूर्ण प्रविष्टियों को हटाना है। अंतिम संशोधित मतदाता सूची फरवरी 2026 में प्रकाशित की जाएगी।
नए मतदाताओं के लिए खास सलाह
पहली बार वोट डालने वाले और नए योग्य मतदाताओं को सलाह दी गई है कि वे जल्द से जल्द ऑनलाइन या BLO के माध्यम से फॉर्म-6 जमा करें। आयोग के इस फैसले का राजनीतिक दलों और नागरिक संगठनों ने स्वागत किया है।













