Virendra Tomar Inside Story : रायपुर | रायपुर का मोस्टवांटेड हिस्ट्रीशीटर और सूदखोर वीरेंद्र उर्फ रूबी तोमर आखिरकार पुलिस के हत्थे चढ़ गया है। करीब 162 दिनों से फरार चल रहे तोमर को रायपुर पुलिस की क्राइम ब्रांच टीम ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर में सिरोल थाना क्षेत्र की विंडसर हिल्स टाउनशिप के एक आलीशान फ्लैट से गिरफ्तार किया।
Virendra Tomar Inside Story : SSP लाल उमेद सिंह के अनुसार, आरोपी वीरेंद्र और उसका भाई रोहित तोमर लगातार ठिकाने बदल रहे थे और डायरेक्ट संपर्क से बच रहे थे।
गिरफ्तारी की रणनीति: 6-7 दिनों की निगरानी के बावजूद वीरेंद्र के फ्लैट से बाहर न आने पर पुलिस ने बिजली काटने की रणनीति अपनाई।
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दबोचने का तरीका: जैसे ही बिजली गुल हुई और वीरेंद्र तोमर बालकनी पर आया, पुलिस ने उसे पहचान लिया। इसके बाद पुलिसकर्मी बिजलीकर्मी का बहाना बनाकर फ्लैट में घुस गए और उसे दबोच लिया।
फरार दूसरा भाई : वीरेंद्र का भाई रोहित तोमर (जो ‘गोल्डन मैन’ के नाम से मशहूर है) अभी भी फरार है। दोनों भाइयों पर 16 से अधिक गंभीर मामले दर्ज हैं, जिनमें सूदखोरी, चाकूबाजी, मारपीट, ब्लैकमेलिंग और आर्म्स एक्ट शामिल हैं।
जुलूस के दौरान पत्नी का ‘मार डालो’ ड्रामा
रविवार को जब पुलिस वीरेंद्र तोमर को रायपुर लेकर पहुंची और भाटागांव इलाके में उसका जुलूस निकाला, तो हाईवोल्टेज ड्रामा देखने को मिला।
पति का ड्रामा : जुलूस के दौरान फटी बनियान में चल रहा वीरेंद्र तोमर अचानक लंगड़ाता हुआ दिखा और बेहोश हो गया।
पत्नी का गुस्सा: मौके पर मौजूद वीरेंद्र की पत्नी शुभ्रा सिंह तोमर बौखला गईं और मीडिया के सामने चीखने लगीं, “सब मिलकर मेरे पति को मार डालो।” उन्होंने पुलिस पर गलत कार्रवाई करने का आरोप भी लगाया।
कोर्ट कस्टडी : पुलिस ने वीरेंद्र को जिला कोर्ट में पेश कर 7 दिन की रिमांड मांगी, लेकिन कोर्ट ने फिलहाल एक दिन की रिमांड मंजूर की है।
करोड़ों की संपत्ति का राज
वीरेंद्र और रोहित तोमर की फरारी के दौरान पुलिस ने उनके करीबियों के ठिकानों पर छापेमारी कर 40 करोड़ से अधिक की रजिस्ट्री के दस्तावेज, साढ़े तीन करोड़ का सोना और 10 लाख की चांदी जब्त की थी।
तोमर बंधु कर्जदारों को पैसा देते समय महिलाओं के नाम पर ब्लैंक चेक, हस्ताक्षर और अंगूठे लगवाते थे, और फिर ब्लैकमेल करके उनकी जमीन-मकान अपने नाम करवा लेते थे।
हाईकोर्ट पहले ही रोहित और वीरेंद्र तोमर की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर चुका है, हालांकि परिवार की महिलाओं को अग्रिम जमानत मिल चुकी है।













