रायपुर: छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कांग्रेस नेता विनोद तिवारी को दो साल पुराने राजनीतिक प्रदर्शन मामले में अदालत के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया है। गैर-जमानती धाराओं के तहत दर्ज इस मामले में जमानत के लिए विनोद तिवारी रायपुर न्यायालय पहुंचे थे, लेकिन सुनवाई के बाद कोर्ट ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेजने का आदेश दे दिया।
पुराने प्रदर्शन से जुड़ा मामला
जानकारी के मुताबिक यह मामला करीब दो साल पहले हुए एक राजनीतिक प्रदर्शन से जुड़ा है। आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कानून व्यवस्था भंग की गई और प्रशासनिक आदेशों की अवहेलना की गई। इसी आधार पर पुलिस ने मामले में गैर-जमानती धाराएं जोड़ी थीं।
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कोर्ट से सीधे जेल भेजे गए
कोर्ट में पेशी के दौरान आदेश जारी होते ही विनोद तिवारी को हिरासत में लेकर केंद्रीय जेल रायपुर भेज दिया गया। जेल भेजे जाने की खबर मिलते ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं और नेताओं में हलचल तेज हो गई।
कांग्रेस ने लगाया राजनीतिक दुर्भावना का आरोप
कांग्रेस नेताओं ने इस कार्रवाई को राजनीतिक दुर्भावना से प्रेरित बताया है। पार्टी का आरोप है कि सरकार विपक्षी नेताओं को दबाने के लिए पुराने मामलों को फिर से सक्रिय कर रही है। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने इस फैसले के खिलाफ नाराजगी भी जताई है।
आगे की कानूनी रणनीति पर मंथन
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस अब इस मामले में ऊपरी अदालत में जमानत याचिका दायर करने की तैयारी कर रही है। वहीं प्रशासन का कहना है कि कार्रवाई पूरी तरह कानून के तहत की गई है।











