नई दिल्ली : उन्नाव रेप केस में दोषी पूर्व विधायक कुलदीप सिंह सेंगर को सुप्रीम कोर्ट से बड़ा झटका लगा है। दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा सजा निलंबन के आदेश पर सुप्रीम कोर्ट ने फिलहाल रोक लगा दी है। इसका सीधा अर्थ है कि कुलदीप सिंह सेंगर अभी जेल से बाहर नहीं आ पाएंगे।
CBI ने हाईकोर्ट के फैसले को दी चुनौती
सीबीआई ने दिल्ली हाईकोर्ट के उस आदेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी, जिसमें सेंगर की उम्रकैद की सजा को निलंबित किया गया था। CBI ने दलील दी कि हाईकोर्ट ने कई अहम कानूनी पहलुओं को नजरअंदाज किया है, खासकर यह मामला नाबालिग पीड़िता से जुड़ा हुआ है।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अगुवाई वाली पीठ ने कहा कि इस मामले में कई गंभीर प्रश्न हैं, जिन पर विस्तृत सुनवाई आवश्यक है। अदालत ने माना कि परिस्थितियां सामान्य मामलों से अलग हैं क्योंकि सेंगर पहले से ही एक अन्य मामले में उम्रकैद की सजा काट रहा है।
CBI की ओर से सॉलिसिटर जनरल की दलील
CBI की तरफ से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट में कहा कि अपराध के समय पीड़िता की उम्र मात्र 15 वर्ष 10 महीने थी, इसलिए पॉक्सो एक्ट की धाराएं पूरी तरह लागू होती हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेंगर एक प्रभावशाली व्यक्ति था और उसके कृत्य को हल्के में नहीं लिया जा सकता।
हाईकोर्ट के फैसले के बाद विरोध
दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश के बाद से ही पीड़िता, उसकी मां और सामाजिक कार्यकर्ता सड़कों पर विरोध कर रहे हैं। सुप्रीम कोर्ट के बाहर भी प्रदर्शन हुए, जिसके चलते सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई।
फिलहाल क्या रहेगा हाल
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि अंतिम निर्णय आने तक दिल्ली हाईकोर्ट का आदेश प्रभावी नहीं रहेगा। अब इस मामले में अगली सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि सजा निलंबन पर कोई अंतिम फैसला लिया जाए या नहीं।











