Umang Singhar Hanuman Statement : सेंधवा (बड़वानी): मध्य प्रदेश के बड़वानी जिले में आयोजित ‘आदिवासी अधिकार सम्मेलन’ में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने भगवान हनुमान की उत्पत्ति और रामायण काल को लेकर एक विवादित और चर्चा पैदा करने वाला बयान दिया है। सिंघार ने मंच से स्पष्ट रूप से कहा कि भगवान हनुमान और भगवान राम की पूरी सेना में शामिल योद्धा आदिवासी समाज से ताल्लुक रखते थे।
सिंघार ने आदिवासी अस्मिता को रामायण काल से जोड़ते हुए कहा, “हनुमानजी आदिवासी थे। रामायण में जिन्होंने भगवान राम का साथ दिया और उन्हें युद्ध में विजय दिलाई, वे सभी वनवासी और आदिवासी भाई थे।” उन्होंने तर्क दिया कि आदिवासियों के हर गांव में हनुमानजी के मंदिर हैं और समाज सदियों से उन्हें अपना पूर्वज और आराध्य मानता आया है। सिंघार का यह बयान उस समय आया है जब मध्य प्रदेश में आदिवासी कोड और पहचान को लेकर पहले ही कांग्रेस और भाजपा के बीच तनातनी चल रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पतंग उड़ाने वाले वीडियो पर तंज कसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा, “कल मोदी जी ने हनुमान जी की तस्वीर वाली पतंग उड़ाई, असल में वे आदिवासियों को पतंग की तरह हवा में उड़ा रहे हैं।” उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार प्रतीकों की राजनीति करती है, लेकिन जब आदिवासियों के अधिकारों और उनकी मूल पहचान की बात आती है, तो सरकार पीछे हट जाती है।
सिंघार के इस बयान ने राज्य की सियासत में हलचल तेज कर दी है। राजनीतिक विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के बयानों के जरिए कांग्रेस आदिवासियों को एक अलग पहचान और गौरवबोध कराने की कोशिश कर रही है, ताकि उन्हें हिंदुत्व के बड़े दायरे से अलग एक स्वतंत्र वोट बैंक के रूप में एकजुट किया जा सके। फिलहाल भाजपा की ओर से इस बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया आने की संभावना जताई जा रही है।













