Wednesday, August 19, 2026
Home Madhya Pradesh Burhanpur Swaminarayan Mandir Patotsav : बुरहानपुर में भक्ति का महाकुंभ : स्वामीनारायण...

Burhanpur Swaminarayan Mandir Patotsav : बुरहानपुर में भक्ति का महाकुंभ : स्वामीनारायण मंदिर के 155वें पाटोत्सव की भव्य तैयारी, उमड़ेगा आस्था का सैलाब

Burhanpur Swaminarayan Mandir Patotsav : बुरहानपुर: मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के सीलमपुर स्थित प्राचीन स्वामीनारायण मंदिर में भगवान हरि कृष्ण महाराज के 155वें ‘पाटोत्सव’ को लेकर उत्सव का माहौल है। यह मंदिर स्वामीनारायण संप्रदाय के उन चुनिंदा स्थलों में से एक है, जिसकी महिमा स्वयं भगवान स्वामीनारायण के समय से जुड़ी है। मान्यता है कि यहाँ स्थापित लक्ष्मी नारायण देव की दिव्य प्रतिमा की पूजा स्वयं भगवान स्वामीनारायण ने 6 महीने तक की थी, जिसे बाद में उन्होंने बुरहानपुर के भक्तों के प्रेम को देखते हुए उन्हें भेंट कर दिया था।

तीन दिवसीय इस आयोजन की शुरुआत 23 जनवरी को सत्संग और ताप्ती नदी के राजघाट पर विशेष पूजन-अर्चन के साथ होगी। इस दिन का मुख्य आकर्षण भगवान स्वामीनारायण का ताप्ती की लहरों पर होने वाला ‘नौका विहार’ और भव्य कलश यात्रा होगी। मंदिर के शास्त्री चिंतनप्रियदासजी ने बताया कि यह 155वाँ पाटोत्सव भक्तों के लिए आध्यात्मिक चेतना का अवसर है, जहाँ कथा और सेवा के जरिए हरि भक्त प्रभु के करीब पहुँच सकेंगे।

आयोजन के दूसरे चरण में 24 से 26 जनवरी तक प्रतिदिन शाम को ‘भक्त चिंतामणि’ कथा का वाचन किया जाएगा। 25 जनवरी का दिन भक्तों के लिए विशेष फलदायी माना जा रहा है। इस दिन ब्रह्म मुहूर्त में मंगला आरती के बाद भगवान लक्ष्मी नारायण देव और हरि कृष्ण महाराज का केसर, दूध, दही और फलों के रस से महाअभिषेक होगा। श्रद्धालु पंकज शाह के अनुसार, इस अभिषेक के जल की अत्यधिक मान्यता है और कहा जाता है कि श्रद्धा से इसे ग्रहण करने पर कई गंभीर शारीरिक व्याधियाँ दूर होती हैं।

अभिषेक के पश्चात भगवान को दिव्य 56 भोग लगाए जाएंगे और शाम को ‘शकोत्सव’ का आयोजन होगा, जिसमें हजारों श्रद्धालु महाप्रसाद ग्रहण करेंगे। 26 जनवरी को कथा की पूर्णाहुति के साथ इस भव्य उत्सव का समापन होगा। मंदिर प्रबंधन ने सुरक्षा और सुविधा के मद्देनजर व्यापक इंतजाम किए हैं, क्योंकि इस ऐतिहासिक उत्सव में न केवल मध्य प्रदेश बल्कि पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में भक्तों के पहुँचने की संभावना है।

मुख्य कार्यक्रम (Schedule)

  • 23 जनवरी: सत्संग, राजघाट पूजन, भगवान का नौका विहार और कलश यात्रा।
  • 24-26 जनवरी: प्रतिदिन शाम ‘भक्त चिंतामणि’ कथा का दिव्य वाचन।
  • 25 जनवरी: प्रातः महाअभिषेक (दूध, दही, केसर व फलों के रस से), 56 भोग और संध्या को शकोत्सव।
  • 26 जनवरी: कथा की भव्य पूर्णाहुति और विदाई समारोह।
Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here