Wednesday, August 19, 2026
Home Madhya Pradesh Mahakal Bhasma Aarti : महाकाल की भव्य भस्म आरती में गूंजा...

Mahakal Bhasma Aarti : महाकाल की भव्य भस्म आरती में गूंजा उज्जैन, देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु

उज्जैन :  उज्जैन स्थित विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में शनिवार तड़के ब्रह्म मुहूर्त के पावन समय भव्य भस्म आरती संपन्न हुई। प्रातः करीब चार बजे जैसे ही गर्भगृह के पट खुले, पूरा मंदिर परिसर “हर-हर महादेव” और “जय श्री महाकाल” के जयघोष से गूंज उठा। इस दिव्य क्षण का साक्षी बनने के लिए देश के विभिन्न राज्यों के साथ-साथ विदेशी श्रद्धालु भी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

वैदिक अनुष्ठान और पंचामृत अभिषेक की पवित्रता

भस्म आरती से पहले भगवान महाकाल का पारंपरिक पंचामृत अभिषेक वैदिक मंत्रोच्चार के बीच संपन्न किया गया। जल, दूध, दही, घी, शहद और शर्करा से किए गए इस पवित्र स्नान के दौरान रुद्रपाठ, शंखध्वनि और मंत्रों की गूंज ने वातावरण को पूर्णतः आध्यात्मिक बना दिया। श्रद्धालु गहन श्रद्धा और ध्यान के साथ इस अनुष्ठान का दर्शन करते रहे।

भस्म श्रृंगार का आध्यात्मिक संदेश

अभिषेक के बाद भगवान महाकाल का विशेष भस्म श्रृंगार किया गया, जिसे सनातन परंपरा में वैराग्य और जीवन की नश्वरता का प्रतीक माना जाता है। यह दिव्य रूप भक्तों को स्मरण कराता है कि भौतिक संसार क्षणभंगुर है और शिव ही शाश्वत सत्य हैं। दर्शन के दौरान अनेक श्रद्धालु भावुक होकर भक्ति में लीन दिखाई दिए।

मंत्र-जप से गुंजायमान महाकाल लोक

आरती के समय पूरा मंदिर परिसर मंत्र-जप, ध्यान और साधना की सकारात्मक ऊर्जा से ओतप्रोत रहा। धार्मिक मान्यता है कि इस आरती में सम्मिलित होने से मानसिक शांति मिलती है और नकारात्मकता दूर होती है। इसी कारण श्रद्धालु इसे आत्मिक शुद्धि और मोक्ष की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर मानते हैं।

विश्व आस्था का केंद्र महाकालेश्वर

महाकालेश्वर मंदिर की भस्म आरती केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि सनातन संस्कृति की अमूल्य परंपरा है, जो जीवन, मृत्यु और मुक्ति के गहन दर्शन कराती है। यही वजह है कि उज्जैन का यह ज्योतिर्लिंग विश्वभर के श्रद्धालुओं के लिए आस्था, विश्वास और आध्यात्मिक ऊर्जा का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।

Share The News

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here