Sehore Fake Gold Scam: सीहोर। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले में एक स्वर्णकार के साथ 26 लाख रुपये से अधिक की ठगी का चौंकाने वाला मामला सामने आया है। इस वारदात ने न केवल व्यापारियों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं, बल्कि यह भी साबित कर दिया है कि शातिर ठग अब बड़े अपराधों को अंजाम देने के लिए पहले लोगों का विश्वास जीतते हैं और फिर उन्हें लाखों की चपत लगाकर फरार हो जाते हैं।
Sehore Fake Gold Scam: मामला सीहोर जिले के बुधवारा क्षेत्र का है, जहां रहने वाले स्वर्णकार गिरिराज सोनी को तीन आरोपियों ने बेहद सुनियोजित तरीके से अपना शिकार बनाया। जानकारी के अनुसार, कुछ महीने पहले एक व्यक्ति ग्राहक बनकर उनकी दुकान पर पहुंचा था। शुरुआत में उसने छोटे-छोटे लेनदेन किए और नियमित रूप से दुकान पर आना-जाना शुरू कर दिया। धीरे-धीरे उसने व्यापारी का विश्वास जीत लिया और पारिवारिक संबंधों जैसा व्यवहार करने लगा।
Sehore Fake Gold Scam: बताया जा रहा है कि कई महीनों तक विश्वास कायम करने के बाद आरोपी ने गिरिराज सोनी को सोने के पुराने सिक्के बेचने का प्रस्ताव दिया। उसने दावा किया कि उसके पास शुद्ध सोने के सिक्के हैं और उन्हें बेचने की आवश्यकता है। लंबे समय से बने भरोसे के कारण स्वर्णकार को उस पर कोई संदेह नहीं हुआ।
Sehore Fake Gold Scam: इसके बाद आरोपी अपने दो साथियों के साथ व्यापारी के संपर्क में आया और सौदा तय किया गया। आरोपियों ने कथित रूप से 22 लाख रुपये नकद लिए और इसके साथ ही करीब 5 से 6 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी अपने कब्जे में कर लिए। कुल मिलाकर व्यापारी से 26 लाख रुपये से अधिक की संपत्ति हासिल कर ली गई।
Sehore Fake Gold Scam: हालांकि, जब बाद में उन सिक्कों की जांच कराई गई तो व्यापारी के पैरों तले जमीन खिसक गई। जांच में सामने आया कि जिन सिक्कों को असली सोना बताकर बेचा गया था, वे पूरी तरह नकली थे। इसके बाद पीड़ित स्वर्णकार ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।
Sehore Fake Gold Scam: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस हरकत में आ गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि आरोपियों की पहचान कर उनके आने-जाने के रास्तों का पता लगाया जा सके। प्रारंभिक जांच में तीन संदिग्ध व्यक्तियों की भूमिका सामने आई है।
Sehore Fake Gold Scam: पुलिस अधिकारियों का मानना है कि यह वारदात पूरी तरह योजनाबद्ध तरीके से अंजाम दी गई। आरोपियों ने पहले व्यापारी का विश्वास हासिल किया और फिर उसी भरोसे का फायदा उठाकर लाखों रुपये की ठगी को अंजाम दिया। आशंका जताई जा रही है कि आरोपी किसी बड़े गिरोह का हिस्सा भी हो सकते हैं, जो इसी तरह व्यापारियों को निशाना बनाता है।
Sehore Fake Gold Scam: इस घटना के बाद जिले के स्वर्णकारों और व्यापारिक संगठनों में चिंता का माहौल है। व्यापारियों ने पुलिस प्रशासन से जल्द से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
Sehore Fake Gold Scam: व्यापारी संगठनों ने अन्य कारोबारियों से भी सतर्क रहने की अपील की है। उनका कहना है कि किसी भी अज्ञात व्यक्ति के साथ बड़ी राशि का लेनदेन करने से पहले उसकी पूरी जानकारी प्राप्त करें और सोने-चांदी जैसी कीमती धातुओं की शुद्धता की वैज्ञानिक जांच कराना सुनिश्चित करें।
Sehore Fake Gold Scam: आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने बताया कि पुलिस विभिन्न पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। तकनीकी साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और संदिग्धों की पहचान के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
Sehore Fake Gold Scam: यह घटना एक बार फिर इस बात की चेतावनी है कि आज के दौर में आर्थिक अपराधी विश्वास को हथियार बनाकर बड़ी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। ऐसे में व्यापारियों को हर बड़े सौदे में अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।









