[Nishaanebaz News] Tikamgarh News:जमील खान \ टीकमगढ़। जिले में स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद नारायणदास खरे के समाधि स्थल को लेकर सामने आए विवाद ने अब नया मोड़ ले लिया है। बड़ागांव तहसील के ग्राम अंतोरा में नरोसा नाला के पास स्थित शहीद स्थल को लेकर स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर स्थल की गरिमा और जमीन से किसी भी तरह की छेड़छाड़ नहीं करने की मांग की थी। मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेताओं ने भी प्रशासन के सामने अपनी बात रखी थी।
स्थानीय लोगों का कहना था कि शहीद स्थल ऐतिहासिक और भावनात्मक महत्व रखता है। यदि किसी व्यक्ति की जमीन से संबंधित कोई स्वामित्व विवाद है तो उसका समाधान प्रशासन द्वारा नियमानुसार किया जाए और जरूरत पड़ने पर संबंधित व्यक्ति को उचित मुआवजा देकर दूसरी जगह बसाने की व्यवस्था की जाए।
भाजपा-कांग्रेस नेताओं ने एक सुर में कहा- शहीद स्थल से नहीं हटेगी जमीन
मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस से जुड़े स्थानीय नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह किसी राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि शहीद की स्मृति और क्षेत्र की ऐतिहासिक धरोहर से जुड़ा विषय है।
भाजपा के पूर्व विधायक केके श्रीवास्तव ने कहा कि कई वर्षों से करीब 10 एकड़ जमीन सरकार की ओर से अमर शहीद नारायणदास खरे के नाम दर्ज है। उन्होंने बताया कि पिछले करीब 70 वर्षों से आसपास के लोग यहां तीन से चार दिन का मेला भी आयोजित करते आ रहे हैं।
उन्होंने कहा कि नारायणदास खरे जिले के शुरुआती स्वतंत्रता सेनानियों और बलिदानियों में शामिल हैं। इसलिए समाधि स्थल की जमीन से एक इंच भी जमीन हटाने का सवाल नहीं है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि इस मामले में सभी राजनीतिक दल एकमत हैं और शहीद स्थल की गरिमा से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
ज्ञापन देकर प्रशासन को दी थी चेतावनी
Tikamgarh News: स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांग की थी कि शहीद स्थल की बाउंड्री और प्रतिमा को किसी भी तरह प्रभावित नहीं किया जाए। लोगों ने चेतावनी दी थी कि यदि स्थल से छेड़छाड़ की गई तो आमजन सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
हालांकि, राजनीतिक दलों और स्थानीय लोगों के स्पष्ट रुख के बाद अब यह बात सामने आई है कि शहीद नारायणदास खरे की प्रतिमा और समाधि स्थल को लेकर फिलहाल कोई विवाद की स्थिति नहीं है।
कलेक्टर ने बताई सीमांकन की पूरी स्थिति
Tikamgarh News: पूरे मामले पर कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि विवाद किसी व्यक्ति की जमीन के सीमांकन से जुड़ा राजस्व प्रकरण था। एक पक्ष की ओर से जमीन के सीमांकन के लिए आवेदन किया गया था। प्रशासन द्वारा कराए गए सीमांकन में संबंधित जमीन उसी बाउंड्री के अंदर पाई गई, जहां अमर शहीद नारायणदास खरे की प्रतिमा स्थापित है।
कलेक्टर के मुताबिक, सीमांकन के दौरान जमीन में ओवरलैपिंग की स्थिति सामने आई है, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि शहीद स्थल को हटाने या उसकी जमीन पर किसी तरह का कब्जा लेने की कार्रवाई की जा रही है।
उन्होंने साफ कहा कि जहां अमर शहीद की प्रतिमा स्थापित है, वहां फिलहाल किसी प्रकार का विवाद नहीं है। दोनों पक्षों की ओर से प्रतिमा, बाउंड्री या कब्जे को हटाने से संबंधित कोई मामला प्रशासन के सामने प्रस्तुत नहीं किया गया है।
जिले की धरोहर की रक्षा करना हमारी जिम्मेदारी’
Tikamgarh News: कलेक्टर ने कहा कि जिले में स्वतंत्रता संग्राम और इतिहास से जुड़ी सभी धरोहरों को प्रशासन सर्वोच्च प्राथमिकता देता है। अमर शहीद नारायणदास खरे का समाधि स्थल भी जिले की महत्वपूर्ण ऐतिहासिक धरोहर है और उसकी सुरक्षा प्रशासन की जिम्मेदारी है।
प्रशासन के इस स्पष्टीकरण के बाद फिलहाल शहीद स्थल को लेकर बनी भ्रम की स्थिति दूर होती नजर आ रही है। वहीं स्थानीय लोगों और राजनीतिक दलों ने भी शहीद स्थल की गरिमा बनाए रखने की बात दोहराई है। अब निगाहें प्रशासन की आगे की राजस्व प्रक्रिया और सीमांकन से जुड़े प्रकरण के समाधान पर हैं।




