[Nishaanebaz News] Rewa News: रीवा। मध्यप्रदेश में बच्चों और युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए सरकार लगातार जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूलों में भी विद्यार्थियों को तंबाकू, गुटखा और पान मसाला जैसे नशीले पदार्थों से दूर रहने की सीख दी जाती है। इसी बीच रीवा जिले से सामने आए एक कथित वायरल वीडियो ने स्कूल व्यवस्था और बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा वीडियो जवा तहसील के शासकीय पूर्व माध्यमिक विद्यालय गडेहरा का बताया जा रहा है। वीडियो को लेकर आरोप लगाया जा रहा है कि विद्यालय में एक शिक्षक द्वारा छोटे बच्चों से पान मसाला मंगवाया गया। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में मामले की वास्तविकता जांच के बाद ही सामने आएगी।
बच्चों से पान मसाला मंगवाने का लगाया जा रहा आरोप
Rewa News: वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे घटनाक्रम को लेकर दावा किया जा रहा है कि स्कूल के कुछ बच्चों से पान मसाला लाने के लिए कहा गया। यदि जांच में यह आरोप सही पाया जाता है, तो मामला गंभीर माना जाएगा, क्योंकि स्कूल में पढ़ने वाले बच्चों को नशीले और तंबाकू उत्पादों से दूर रखने की जिम्मेदारी शिक्षकों और स्कूल प्रबंधन की होती है।
स्कूल को बच्चों के लिए शिक्षा, अनुशासन और अच्छे संस्कार का केंद्र माना जाता है। ऐसे में यदि किसी शिक्षक द्वारा विद्यार्थियों से तंबाकू या पान मसाला जैसे उत्पाद मंगवाने की बात सही साबित होती है, तो यह शिक्षक की जिम्मेदारी और स्कूल के अनुशासन दोनों पर सवाल खड़े कर सकता है।
‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान के बीच वायरल हुआ वीडियो
सरकार की ओर से ‘नशे से दूरी है जरूरी’ जैसे अभियानों के जरिए बच्चों और युवाओं को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक किया जा रहा है। स्कूलों में भी विद्यार्थियों को तंबाकू और नशीले पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी जाती है।
ऐसे समय में किसी सरकारी स्कूल का कथित वीडियो वायरल होना विभाग के लिए भी चिंता का विषय बन गया है। लोगों का सवाल है कि जब बच्चों को नशे से दूर रहने की सीख दी जा रही है, तो स्कूल परिसर में इस तरह की गतिविधि के आरोप कैसे सामने आए?
वायरल वीडियो की जांच जरूरी
Rewa News: हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से फैल रहा है, लेकिन किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इसकी निष्पक्ष जांच जरूरी है। वीडियो कब का है, इसमें दिखाई दे रहे लोग कौन हैं और पूरा घटनाक्रम किस परिस्थिति में हुआ, इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकती है।
यदि जांच में वीडियो और उसमें लगाए गए आरोप सही पाए जाते हैं, तो शिक्षा विभाग को संबंधित शिक्षक की भूमिका की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करनी होगी। वहीं यदि वीडियो को लेकर किए जा रहे दावे गलत पाए जाते हैं, तो उसकी स्थिति भी विभाग को स्पष्ट करनी चाहिए।
शिक्षा विभाग के एक्शन पर टिकी नजर
Rewa News: मामला सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि शिक्षा विभाग वायरल वीडियो का संज्ञान लेकर जांच शुरू करता है या नहीं। बच्चों से जुड़े इस मामले में निष्पक्ष जांच इसलिए भी जरूरी है, ताकि सच्चाई सामने आ सके और किसी निर्दोष व्यक्ति पर आरोप न लगे।
फिलहाल गडेहरा स्कूल का कथित वीडियो सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और संबंधित शिक्षक या शिक्षा विभाग का आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है। जांच के बाद ही स्पष्ट होगा कि वायरल वीडियो में लगाए जा रहे आरोप कितने सही हैं।




