नई दिल्ली – ओबीसी आरक्षण के संवैधानिक अधिकारों की लड़ाई में आगामी 24 सितम्बर से सर्वोच्च न्यायालय में प्रारंभ होने वाली निरंतर सुनवाई को लेकर दिल्ली में एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बैठक सम्पन्न हुई।
बैठक ओबीसी महासभा द्वारा आयोजित की गई थी, जिसमें देश के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत के पूर्व अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल श्री पी. विल्सन ने मध्यप्रदेश सरकार के अतिरिक्त महाधिवक्ताओं एवं अधिवक्ताओं के साथ गहन विचार-विमर्श किया। बैठक में यह रणनीति बनाई गई कि सुप्रीम कोर्ट में लंबित मामलों में किस प्रकार वर्तमान 13% होल्ड हटाकर पूर्ण 27% आरक्षण लागू कराया जा सके।
बैठक में लगभग ढाई घंटे तक विचार-विमर्श हुआ और विस्तृत कार्ययोजना एवं पैरवी रणनीति तय की गई। आगामी सुनवाई में भारत के सॉलिसिटर जनरल श्री तुषार मेहता राज्य सरकार की ओर से उपस्थित होकर पैरवी करेंगे।
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बैठक में उपस्थित प्रमुख अधिकारी और अधिवक्ता थे –
- श्री निलेश यादव, अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG)
- श्री धीरेंद्र परमार, अतिरिक्त महाधिवक्ता (AAG)
- श्री मृणाल एलकर, स्थायी अधिवक्ता (Standing Counsel)
- श्री हरमीत रूपरा, उप महाधिवक्ता (Dy. AG)
- श्री अभिमन्यु सिंह, सरकारी अधिवक्ता (GA)
- श्री सार्थक रैजादा, सरकारी अधिवक्ता (GA)
ओबीसी महासभा ने कहा कि संगठन समाज के संवैधानिक अधिकारों की रक्षा एवं 27% आरक्षण के हक की प्राप्ति हेतु हर स्तर पर संघर्षरत है। संगठन का मानना है कि 24 सितम्बर से शुरू होने वाली सुनवाई ओबीसी समाज के भविष्य के लिए निर्णायक होगी।













