Gwalior Credit Card Fraud: ग्वालियर। डिजिटल पेमेंट और क्रेडिट कार्ड के बढ़ते उपयोग के बीच ग्वालियर से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने व्यापारियों और दुकानदारों की चिंता बढ़ा दी है। शहर के एक प्रतिष्ठित मोबाइल शोरूम से दो युवकों ने चोरी के क्रेडिट कार्ड का इस्तेमाल कर करीब 3 लाख रुपये के प्रीमियम स्मार्टफोन खरीद लिए। हैरानी की बात यह रही कि भुगतान के समय कार्ड सफलतापूर्वक स्वाइप हो गया और किसी को कोई संदेह नहीं हुआ। लेकिन लगभग 20 दिन बाद बैंक ने ट्रांजैक्शन की राशि होल्ड कर दी, जिसके बाद पूरी ठगी का खुलासा हुआ।
ग्राहक बनकर पहुंचे और खरीद लिए महंगे स्मार्टफोन
Gwalior Credit Card Fraud: मामला ग्वालियर के पड़ाव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार विनय नगर सेक्टर-3 निवासी आशीष कालानी शहर के एक मॉल में ‘वी कम्यूनिकेट’ नाम से सैमसंग मोबाइल स्टोर संचालित करते हैं।
Gwalior Credit Card Fraud: बताया जा रहा है कि 9 मार्च को दो युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने सैमसंग का प्रीमियम मॉडल Galaxy Z Fold-7 पसंद किया, जिसकी कीमत करीब 1 लाख 60 हजार रुपये थी। युवकों ने क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया और अपना नाम जितेंद्र सिंह राठौर बताकर बिल बनवा लिया। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद स्टोर कर्मचारियों ने मोबाइल उन्हें सौंप दिया।
अगले दिन फिर लौटे और खरीदा दूसरा महंगा मोबाइल
Gwalior Credit Card Fraud: हैरानी की बात यह है कि अगले ही दिन दोनों युवक फिर उसी दुकान पर पहुंचे और इस बार उन्होंने करीब 1 लाख 40 हजार रुपये कीमत का Samsung S-26 Ultra मोबाइल खरीद लिया। दूसरी बार भी भुगतान उसी क्रेडिट कार्ड से किया गया और कार्ड स्वाइप सफल होने के कारण किसी को कोई शक नहीं हुआ।
Gwalior Credit Card Fraud: दोनों युवक आराम से मोबाइल लेकर वहां से चले गए। स्टोर कर्मचारियों ने इसे सामान्य ग्राहक व्यवहार मानकर कोई अतिरिक्त जांच नहीं की।
20 दिन बाद खुला चोरी के कार्ड का राज
Gwalior Credit Card Fraud: घटना के लगभग 20 दिन बाद अचानक यस बैंक ने स्टोर संचालक के खाते में आई पहली खरीदारी की राशि को होल्ड कर दिया। इस पर जब आशीष कालानी ने बैंक से संपर्क किया, तब चौंकाने वाली जानकारी सामने आई।
Gwalior Credit Card Fraud: बैंक अधिकारियों ने बताया कि जिस क्रेडिट कार्ड से भुगतान किया गया था, वह कार्ड चोरी का था और उसके वास्तविक कार्डधारक ने कार्ड चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के बाद बैंक ने संबंधित ट्रांजैक्शन की जांच शुरू की और भुगतान राशि रोक दी।
पुलिस जांच में जुटी, सीसीटीवी में कैद हुए आरोपी
Gwalior Credit Card Fraud: मामले की जानकारी मिलते ही स्टोर संचालक ने पड़ाव थाने में धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली, जिसमें दोनों आरोपी स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं।
Gwalior Credit Card Fraud: जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों युवक एक काले रंग की कार से दुकान पर आए थे। पुलिस वाहन के नंबर, बिल में दर्ज मोबाइल नंबर और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी हुई है।
व्यापारियों के लिए बड़ी चेतावनी
Gwalior Credit Card Fraud: यह मामला केवल एक मोबाइल दुकान में हुई ठगी भर नहीं है, बल्कि डिजिटल भुगतान प्रणाली से जुड़े बढ़ते जोखिमों की भी ओर इशारा करता है। आज अधिकांश व्यापारी कार्ड से भुगतान स्वीकार कर लेते हैं और ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद ग्राहक को सामान सौंप देते हैं। लेकिन इस घटना ने साबित कर दिया है कि केवल पेमेंट अप्रूव होना ही पर्याप्त नहीं है।
Gwalior Credit Card Fraud: विशेषज्ञों का मानना है कि महंगे इलेक्ट्रॉनिक सामान की बिक्री के दौरान दुकानदारों को ग्राहक की पहचान का सत्यापन करना चाहिए। जरूरत पड़ने पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या अन्य वैध दस्तावेजों का मिलान भी किया जा सकता है।
साइबर और वित्तीय अपराधों का नया तरीका
Gwalior Credit Card Fraud: पुलिस अधिकारियों का कहना है कि साइबर अपराधी और ठग अब चोरी किए गए क्रेडिट कार्डों का इस्तेमाल कर महंगे उत्पाद खरीदने जैसी नई तरकीबें अपना रहे हैं। ऐसे मामलों में दुकानदारों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
Gwalior Credit Card Fraud: फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी हुई है और उम्मीद जताई जा रही है कि जल्द ही दोनों युवकों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं यह मामला व्यापारियों के लिए एक बड़ा सबक बनकर सामने आया है कि डिजिटल लेनदेन के दौर में सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा है।









