Raigarh Crime News: घरघोड़ा कोर्ट ने हत्यारे पिता-पुत्रों को भेजा जेल, जमीन नापने के विवाद में की थी कोटवार की हत्या

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Raigarh Crime News: गौरी शंकर गुप्ता/घरघोड़ा/रायगढ़: छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अंतर्गत आने वाले अपर सत्र न्यायालय घरघोड़ा ने हत्या और जानलेवा हमले के एक गंभीर मामले में त्वरित व कड़ा फैसला सुनाया है। अपर सत्र न्यायाधीश श्रीमान अभिषेक शर्मा ने मामले की अंतिम सुनवाई करते हुए हत्या के आरोपी पिता और उसके दो बेटों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास (उम्रकैद) की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, न्यायालय ने आहतों पर जानलेवा हमला करने (हत्या का प्रयास) के आरोप में तीनों दोषियों को 10-10 वर्ष के सश्रम (कठोर) कारावास और अर्थदंड से भी दंडित किया है।

जमीन नापने के दौरान लाठी-डंडों से किया था जानलेवा हमला

अभियोजन पक्ष के अनुसार, यह पूरा मामला थाना तमनार के अपराध क्रमांक 415/2020 से जुड़ा हुआ है। घटना दिनांक 2 दिसंबर 2020 की सुबह करीब 10 बजे की है, जब ग्राम दनौट निवासी मुरलीधर चौधरी और लक्ष्मी धर चौधरी अपनी मां को मायके से बंटवारे में मिली जमीन (जिस पर उन्हें अदालत से डिक्री मिल चुकी थी) का सीमांकन देखने पटवारी के साथ ग्राम रायपारा पहुंचे थे। उनके साथ खेत का नाप करवाने के लिए ग्राम कोटवार गोविंद पटेल और कुछ अन्य ग्रामीण भी मौजूद थे।

इसी दौरान पुरानी रंजिश और जमीन पर अवैध दावे को लेकर आरोपी पिता शिव चरण पटेल और उसके दो बेटे खुशी राम पटेल व मुकेश पटेल लाठी-डंडे लेकर वहां आ धमके। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और वहां मौजूद गोविंद पटेल, मुरलीधर चौधरी व लक्ष्मी धर चौधरी पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। लाठी-डंडों की इस क्रूर पिटाई से तीनों गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गए।

इलाज के दौरान हुई थी गोविंद पटेल की मौत

सभी घायलों को तत्काल इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र तमनार ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए जिला अस्पताल रायगढ़ रेफर कर दिया गया। दुर्भाग्यवश, रायगढ़ ले जाते समय रास्ते में ही गोविंद पटेल ने दम तोड़ दिया। घटना की लिखित रिपोर्ट करन पटेल ने तमनार थाने में दर्ज कराई थी, जिसके बाद तत्कालीन विवेचना अधिकारी ने मुस्तैदी से साक्ष्यों का संकलन कर आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में चालान पेश किया।

कोर्ट ने सभी धाराओं में लगाया जुर्माना, 1 लाख रुपये मुआवजे की अनुशंसा

माननीय न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलें और महत्वपूर्ण गवाहों के बयानों को सुनने के बाद शिव चरण, खुशी राम और मुकेश पटेल को हत्या (धारा 302) और हत्या के प्रयास (धारा 307) का मुख्य दोषी पाया। न्यायालय ने हत्या के मामले में उम्रकैद और हत्या के प्रयास में 10-10 साल की कठोर सजा के साथ-साथ सामान्य चोट पहुंचाने के लिए 1 वर्ष की कैद सुनाई। साथ ही सभी धाराओं में 1000-1000 रुपये का अर्थदंड भी लगाया। अदालत ने मानवीय दृष्टिकोण अपनाते हुए विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़ से अनुशंसा की है कि मृतक के आश्रित परिवार को 1,00,000 रुपये की क्षतिपूर्ति राशि प्रदान की जाए। इस मामले में शासन की ओर से अपर लोक अभियोजक (क्रिमिनल लॉयर) राजेश सिंह ठाकुर ने प्रभावी ढंग से पक्ष रखा।

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